गोयल ने आस्ट्रेलियाई निवेशकों को दिया भारत मे निवेश का न्योता

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नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योगमंत्री पीयूष गोयल ने ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित करते हुए उन्हें इसके लिए पारदर्शी, विश्वसनीय और कानून सम्मत व्यवस्था का भरोसा दिया। गोयल ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया एक दूसरे के पूरक के रूप में काम करने की स्थिति में है और इससे दोनों देश …

नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योगमंत्री पीयूष गोयल ने ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित करते हुए उन्हें इसके लिए पारदर्शी, विश्वसनीय और कानून सम्मत व्यवस्था का भरोसा दिया। गोयल ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया एक दूसरे के पूरक के रूप में काम करने की स्थिति में है और इससे दोनों देश लाभान्वित होंगे।

उन्होंने कहा कि भारत एक विशाल बाजार है और ऑस्ट्रेलिया के पास निवेश योग्य अधिशेष पूंजी है। श्री गोयल ने ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। “हम आपको पारदर्शिता प्रदान करते हैं। हम आपको अपना विश्वास, कानून का शासन प्रदान करते हैं। हम दो लोकतांत्रिक देश हैं, दोनों क्रिकेट के खेल से प्यार करते हैं, दोनों राष्ट्रमंडल के सदस्य हैं।”

आस्ट्रेलिया की तीन दिन की यात्रा पर आए श्री गोयल ने मेलबर्न विश्वविद्यालय में व्यापार, पर्यटन और निवेश मंत्री डैन तेहान के साथ मेलबर्न विश्वविद्यालय को संबोधित करते हुए पिछले सप्ताह दोनों देशों के बीच एकता के नाम से चर्चित ऐतिहासिक व्यापार एवं आर्थिक सहयोग समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत लगभग 1.4 अरब उपभोक्ताओं के विशाल बाजार को ऑस्ट्रेलियाई उद्योगों के लिए खोल देगा।

उन्होंने कहा कि हम अब एक हैं, यही एकता समझौता है और हमारे संबंधों में इस महत्वपूर्ण क्षण में, मुझे लगता है कि यह उचित है कि हम दोनों देशों के बीच की हर बाधा को तोड़ दें। चाहे वह माल, सेवाओं, लोगों, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा ज्ञान की आवाजाही हो, हम इन सभी बाधाओं को तोड़ते हैं, देखें कि कैसे हम सच्चे भाइयों के रूप में एक साथ काम कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आर्थिक सहयोग एवं व्यापार का यह समझौता भारत के लोगों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है और इसी तरह ऑस्ट्रेलिया के लोगों को एक साथ काम करने, एक अरब से अधिक लोगों की जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए विशाल अवसर प्रदान कर सकता है।

पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौता 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 26-27 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर कर देगा, जो प्रारंभिक अपेक्षा से बहुत तेज है। पहले पांच साल में व्यापार को बढ़कर 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य था।

साथ ही कहा कि एक साथ इस समझौते के वास्तव में हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए दूरगामी आयाम हो सकते हैं और बाकी दुनिया के लिए भी जहां हम सामूहिक रूप से जुड़ सकते हैं और दुनिया के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकते हैं।’ श्री गोयल ने देखा कि कई हजार साल पहले, ऑस्ट्रेलिया और भारत एक ही वृहद महाद्वीप का हिस्सा थे और फिर महाद्वीप टूटने के कारण भाई अलग हो गए। आज हमारी सरकारें राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा और खेल के मोर्चे पर बढ़ती भागीदारी के साथ उन्हें एक साथ लाने की कोशिश कर रही हैं।

 

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