बरेली: बजट आते ही ग्राम पंचायतों में समाप्त की जाएगी पेयजल समस्या

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बरेली, अमृत विचार। गर्मी में बढ़ोत्तरी के साथ क्षेत्र में पानी का संकट भी गहराता जा रहा है। सुबह होते ही हैंडपंपों की स्थिति बद से बदतर है। पेयजल संकट की समस्या को दूर किये जाने के लिए शासन की ओर से अभी तक बजट नहीं भेजा गया है। जिले की करीब 152 ग्राम पंचायतों …

बरेली, अमृत विचार। गर्मी में बढ़ोत्तरी के साथ क्षेत्र में पानी का संकट भी गहराता जा रहा है। सुबह होते ही हैंडपंपों की स्थिति बद से बदतर है। पेयजल संकट की समस्या को दूर किये जाने के लिए शासन की ओर से अभी तक बजट नहीं भेजा गया है। जिले की करीब 152 ग्राम पंचायतों में हैंडपंप या तो खराब हैं या फिर वह रिबोर की स्थिति में हैं।

अप्रैल माह की शुरुआत होते ही जल संकट गहराने लगा है। ग्राम पंचायतों के हैंडपंप भी वाटर लेवल नीचे होने के कारण बंद हो गए हैं। वहीं क्षेत्र के अधिकांश ट्यूबवेल में भी पानी नहीं होने के कारण पेयजल की समस्या हो गई है। कई ग्रामों में पानी के संकट के चलते ग्रामीण महिलाएं सुबह से लेकर शाम तक पानी की जद्दोजहद में लगी रहती है।

पेयजल समस्या के निदान दिलाए जाने के लिए ग्राम पंचायतों में खराब व रिबोर की स्थिति में पहुंच चुके हैंडंपपों को दुरूस्त कराए जाने की सूची तैयार कर ली गई है। इसके अलावा 200 से अधिक नये हैंडपंप लगाये जाएंगे। इसके लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है। डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायतों में बढ़ते जल संकट को देखते हुए प्रस्ताव भेज दिया गया है। बजट आते ही समस्या से निजात दिलाई जाएगी।

मवेशियो के लिए भी पानी की गंभीर समस्या

ग्रामीण इलाको में पेयजल के साथ-साथ मवेशियों के लिए भी पानी की गंभीर समस्या है। मवेशियों के लिए जीवदया रखने वाले कुछ निजी होल संचालक अपनी और से गांवों में व्यवस्था कर रहे हैं। लेकिन वहां भी पशुपालकों को एक या दो किमी भरी दोपहरी में पशुओं को ले जाना पड़ता है। इधर तालाबों ने भी दम तोड़ दिया है। क्योंकि मई-जून की भीषण गर्मी में पानी की आवश्यकता में भी बढ़ोत्तरी हो जाएगी।

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