संभल : गंगा में नहाते समय 9 डूबे, तीन किशोरियां लापता
संभल,अमृत विचार। श्री हरिबाबा बांध आश्रम के समीप गंगा घाट पर बच्चों का मुंडन संस्कार कराने आए कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के बिचैटा गांव के रहने नौ लोग गंगा में नहाते समय गहरे पानी में चले गए और डूब गए। इनमें से किशोरी समेत छह लोगों को बचा लिया गया, जबकि तीन किशोरियां गंगा में लापता …
संभल,अमृत विचार। श्री हरिबाबा बांध आश्रम के समीप गंगा घाट पर बच्चों का मुंडन संस्कार कराने आए कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के बिचैटा गांव के रहने नौ लोग गंगा में नहाते समय गहरे पानी में चले गए और डूब गए। इनमें से किशोरी समेत छह लोगों को बचा लिया गया, जबकि तीन किशोरियां गंगा में लापता हो गईं। गोताखोर उनको देर शाम तक गंगा में तलाशते रहे, रात होने पर तलाश रोक दी गई। शनिवार सुबह से गोताखोर किशोरियों को फिर से तलाश करेंगे। वहीं किशोरियों के लापता होने के बाद परिजनों में कोहराम मचा है। मौके पर एसडीएम गुन्नौर रामकेश धामा और सीओ देवेंद्र कुमार शर्मा ने पहुंचकर ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। एनडीआरएफ और पीएससी के जवानों को भी तलाशी अभियान में लगाया गया है।
कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के बिचैटा गांव निवासी जितेंद्र पुत्र खुशीराम के बेटे बिट्टू और भतीजी निर्मला का शुक्रवार को मुंडन संस्कार था। करीब सुबह दस बजे परिवार के सभी लोग मुंडन संस्कार कराने के लिए बोलेरो पिकअप में सवार होकर रजपुरा क्षेत्र के श्री हरिबाबा बांध आश्रम स्थित गंगा घाट पर आए थे। इनके साथ पड़ोस के कुछ और लोग भी थे। सभी लोग गंगा घाट पर पहुंचे और बारी-बारी से नहाने लगे, जबकि जितेंद्र के परिवार वाले अपने बच्चों के मुंडन संस्कार में जुट गए।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कुछ लोग गंगा में नहाने लगे और नहाते समय गहरे पानी में उतर गए। तेज बहाव होने के बाद वह लोग पानी में डूबने लगे। इनको डूबते हुए देख यहां मौजूद लोग बचाने के लिए दौड़ पड़े और डूबते हुए छह लोगों को बचा लिया, जबकि प्रियंका पुत्री मोतीलाल, गीता पुत्री वीर सिंह और सरिता पुत्री दिनेश लापता हो गईं। मौके पर अफरातफरी मच गई। किशोरियों के डूबने की खबर रजपुरा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने पास के गांव से लापता हुई किशोरियों की तलाश के लिए गोताखोरों को बुलाया। इसी बीच मौके पर एसडीएम रामकेश धामा और सीओ देवेंद्र कुमार शर्मा भी पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। गोताखोर देर शाम तक किशोरियों को गंगा में तलाशते रहे, लेकिन रात होने के बाद तलाश रोकनी पड़ी। वहीं किशोरियों के डूबने की खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया। वहीं प्रशासन ने किशोरियों की तलाश के लिए एसडीआरएफ और पीएससी बल के तैराक जवानों को भी लगाया गया। हालांकि असफलता ही हाथ लगी।
इनको बचाया
देशराज (20) पुत्र महेश, प्रिंस (14) पुत्र सतेंद्र, श्याम सुंदर (20) पुत्र लाल सिंह, सरिता (16) पुत्री खुशीराम, ममता (20) पुत्री नंदकिशोर, राधा (13) पुत्री नंदकिशोर को समय रहते बचा लिया गया। जबकि प्रियंका, गीता और सरिता गंगा के तेज बहाव में लापता हो गईं। देर शाम तक लापता किशोरियों का कोई पता नहीं चल सका है।
किशोरियों की तलाश में जुटे एसडीआरएफ और पीएससी के जवान
श्रीहरिबाबा बांध आश्रम के गंगा तट पर डूबी तीन किशोरियों की तलाश के लिए गोताखोरों के साथ ही एसडीआरएफ और पीएससी के जवान लगाए गए हैं, लेकिन देरशाम तक उनकी तलाश नहीं हो सकी। अंधेरा होने की बाद तलाशी अभियान को रोकना पड़ा। शनिवार सुबह से लापता किशोरियों को तलाश में जवान और गोताखोर फिर से गंगा में उतरेंगे।
परिवार में मचा कोहराम
संभल। बिचैटा गांव के लोग बच्चों के मुंडन संस्कार में आए थे। सभी लोग बहुत ही खुश थे, लेकिन क्या पता था यहां उनके साथ अनहोनी घट जाएगी। किशोरियों के डूबने के बाद जैसे ही परिवार वालों की जानकारी हुई तो परिवार में कोहराम मच गया। इनके कुछ लोग गंगाघाट पर मौजूद थे। उन्होंने गांव में घटना की जानकारी दी। इसके बाद गांव से बहुत से लोग मौके पर पहुंच गए। किशोरियों के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गंगा किनारे लगने वाले मेला में तो बचाव कार्य के लिए शासन प्रशासन की व्यवस्था रहती है, लेकिन यहां घटना घटित हुई हैं वहां कोई पक्का घाट नहीं है। किशोरियों की तलाश के लिए एसडीआरएफ और पीएससी बल के जवान लगाए गए हैं। जल्द ही किशोरियों को तलाश लिया जाएगा। -संजीव रंजन, डीएम
