बाराबंकी: जल स्रोत संरक्षण के लिए आयोजित किया गया सेमिनार, घटते वृक्षों, सूखते तालाबों, कम होते जलस्तर पर जताई गई चिंता
बाराबंकी। सोमवार को मसौली ब्लाक के ग्राम मुबारकपुर में जल स्रोत संरक्षण उत्सव का आयोजन लोकभारती के तत्वावधान में किया गया। समाजसेवी शचि सिंह एवं रत्नेश कुमार के संयुक्त प्रयास से इस उत्सव में गांव में सूखे पड़े तालाब, घटते जलस्तर व वृक्षों की अंधाधुंध कटान पर सेमिनार का आयोजन भी किया गया। जिसमें जल …
बाराबंकी। सोमवार को मसौली ब्लाक के ग्राम मुबारकपुर में जल स्रोत संरक्षण उत्सव का आयोजन लोकभारती के तत्वावधान में किया गया। समाजसेवी शचि सिंह एवं रत्नेश कुमार के संयुक्त प्रयास से इस उत्सव में गांव में सूखे पड़े तालाब, घटते जलस्तर व वृक्षों की अंधाधुंध कटान पर सेमिनार का आयोजन भी किया गया।
जिसमें जल संरक्षण को लेकर लोगों को संकल्प दिलाया गया तथा तालाब, कुओं और जल स्रोतों को श्रद्धा से जोड़ने, इनके प्रति संवेदनशीलता लाने के लिए गांव से तालाब तक जल संरक्षण रैली निकाली गई तो वही तालाब की पूजा आरती कर लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
जल संरक्षण उत्सव कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय लोगों को नौ प्रकार की सब्जियों के बीज व कई प्रकार के पौधे वितरित कर जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रामीणों को आगे आकर जिम्मेदारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जल बिरादरी अमेठी डिग्री कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर डॉक्टर अर्जुन पांडे ने कहा कल के लिए आज जल बचाना होगा। यदि हमें भूगर्भ से जल लेना है तो वर्षा का जल संचयन कर भूगर्भ जल बढ़ाना होगा।
विशिष्ट अतिथि लोक भारती के पदाधिकारी गोपाल उपाध्याय ने जल स्रोतों को जीवन की धारा बताया ,कहा जीवन को बचाने के लिए जीवनधारा को बचाना होगा। वही चंद्र भूषण तिवारी ने लोक परंपरा और लोकगीतों के माध्यम से पर्यावरण को जोड़कर उन्हें बचाने के उपाय बतलाए। उत्सव कार्यक्रम में कवि ओपी वर्मा, वीणा सुधाकर महाविद्यालय के प्राचार्य बलराम वर्मा, दिनेश सिंह, गायत्री शक्तिपीठ से विष्णु शर्मा एवं इस कार्यक्रम की आयोजक प्रधान कांति देवी ने गांव से लेकर बुड़नी तालाब तक नारों, स्लोगन की तख्तियों को लेकर रैली निकाली।
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