वाराणसी: काशी की हवा में फैला जहर, आर्टिफिशियल फेफड़े का रंग तीन दिन में हुआ काला

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Edited By Amrit Vichar
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वाराणसी। जिले में स्वच्छ हवा भी सांस लेने के लिए अब शुद्ध नहीं रही। पिछले 3 दिनों से अस्सी घाट पर चल रहे क्लाइमेट एजेंडा के तहत चलाये जा रहे स्वच्छ वायु अभियान द्वारा जांच हेतु लगाए गए कृत्रिम (आर्टिफिशियल) फेफड़े का रंग तीन दिनों में ही काला पड़ गया। इससे यह साफ पता चलता …

वाराणसी। जिले में स्वच्छ हवा भी सांस लेने के लिए अब शुद्ध नहीं रही। पिछले 3 दिनों से अस्सी घाट पर चल रहे क्लाइमेट एजेंडा के तहत चलाये जा रहे स्वच्छ वायु अभियान द्वारा जांच हेतु लगाए गए कृत्रिम (आर्टिफिशियल) फेफड़े का रंग तीन दिनों में ही काला पड़ गया।

इससे यह साफ पता चलता है कि यहां की वायु प्रदूषित हो चुकी है। इसी संदर्भ में वाराणसी के पराड़कर भवन में क्लाइमेट एजेंडा के सौ प्रतिशत उत्तर प्रदेश अभियान के अंतर्गत एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।

10 अप्रैल 2022 को अस्सी घाट पर क्लाइमेट एजेंडा के तहत एक कृत्रिम फेफड़े को स्थापित किया गया था, जो कि उच्च दक्षता वाले फ़िल्टर से बने होने के बावजूद भी महज तीन दिनों में प्रदूषण के कारण काला हो गया। इससे यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है कि वाराणसी गम्भीर रूप से प्रदूषण की मार झेल रहा है।

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