Jahangirpuri Violence: सरकार चाहती थी कि हिंसा हो, तमाशा देखने के लिए बैठी थी पुलिस- असदुद्दीन ओवैसी
नई दिल्ली। जहांगीरपुरी हिंसा मामले को लेकर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को जमकर हमला बोला। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, आज दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ने खुद ये कहा है कि जहांगीरपुरी में जो जुलूस निकाला गया वो बिना इजाजत के निकाला गया। जब जुलूस निकाला जा रहा था तब पुलिस क्या कर …
नई दिल्ली। जहांगीरपुरी हिंसा मामले को लेकर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को जमकर हमला बोला। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, आज दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ने खुद ये कहा है कि जहांगीरपुरी में जो जुलूस निकाला गया वो बिना इजाजत के निकाला गया। जब जुलूस निकाला जा रहा था तब पुलिस क्या कर रही थी? पुलिस तमाशा देखने के लिए बैठी थी? और जुलूस में हथियारों की क्या जरूरत थी? ओवैसी ने कहा, लोगों के हाथों में कट्टा-पिस्टल थी।
क्या तलवार और कट्टा निकलना धार्मिक है। कई तरह के भड़काऊ नारे भी लगाए गए। एआईएमआईएम चीफ ने कहा, सांप्रदायिक हिंसा उस वक्त ही होती है जब सरकार चाहती है, जब सरकार नहीं चाहती है तब नहीं होती है। तो यहां पर भी सरकार ने सांप्रदायिक हिंसा होने दी। सरकार के सामने सब कुछ हो रहा है जिसकी पूरी जिम्मेदारी मोदी सरकार पर आती है। दो शोभा यात्रा शांतिपूर्वक निकाली गईं, तीसरे में यह सब कैसे हुआ? ओवैसी ने दिल्ली पुलिस की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, अंसार नाम के जिस शख्स का वीडियो सामने आया है, वो एक लड़के को समझा रहा है उसे क्यों गिरफ्तार किया गया। पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है। अंसार के जो हिन्दू पड़ोसी हैं वो खुद उसके कैरेक्टर के बारे में तारीफ कर रहे हैं। अंसार दंगा कंट्रोल कर रहा था। AIMIM चीफ ओवैसी ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, दिल्ली के सीएम ने तो मुसलमानों पर ही आरोप लगा दिया। वो चुनावों में मुस्लिमों के हितैशी बन जाते हैं और अब ऐसी बात कर रहे हैं।
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