कानपुर: मंडलायुक्त ने आम आदमी बनकर ई-बसों का किया औचक निरीक्षण, लापरवाही पर व्यक्त की नाराजगी, 4 पर की कार्रवाई
कानपुर। जिला मण्डल के आयुक्त डॉ राजशेखर ने आज कानपुर में चल रही ई-बसों की ग्राउंड रियलिटी को परखने के लिये आम यात्री बनकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दो अलग-अलग बसों में सफर किया और दोनों में ही खामियां सामने आईं। जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। ग्राउंड रियलिटी जांचने के लिए …
कानपुर। जिला मण्डल के आयुक्त डॉ राजशेखर ने आज कानपुर में चल रही ई-बसों की ग्राउंड रियलिटी को परखने के लिये आम यात्री बनकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दो अलग-अलग बसों में सफर किया और दोनों में ही खामियां सामने आईं। जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
ग्राउंड रियलिटी जांचने के लिए मंडलायुक्त ने दो अलग-अलग बसों में मोतीझील से यूनिवर्सिटी तक और रामा डेंटल से गोल चौराहा तक का सफर किया। यात्रा के दौरान उन्हें दोनों ही बसों में कई खामियां देखने को मिली।
यात्रियों को लेने और छोड़ने के लिए बसों को सड़क के बीच में रोक दिया जाता था। जोकि यातायात सुरक्षा की दृष्टिकोण से उचित नहीं था। दोनों ही बसों के चालकों ने सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं किया था। उनमें से एक ने फेस मास्क तो पहन रखा था, लेकिन वह उसकी ठुड्डी पर था। अन्य बस के चालक ने मास्क ही नहीं पहना हुआ था।
इस मामले में कार्रवाई करते हुए आयुक्त ने दोनों चालकों को 1 माह के लिए ड्यूटी से हटाने एवं कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया। यह दोनों कंडक्टर सेवा प्रदाता के माध्यम से संविदा सेवा पर थे।
औचक निरीक्षण के दौरान आम यात्री बने मंडलायुक्त ने पाया की बसों के अंदर हेल्पलाइन नंबर का कोई लिखित रूप से प्रदर्शन नहीं है और बसों के अंदर कोई रूट वहन और स्टाप वाइज टिकट शुल्क सूची भी प्रदर्शित नहीं थी।
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