अयोध्या: गौ आश्रय स्थलों में क्षमता के अनुसार गौवंशों का संरक्षण करने के दिए गए निर्देश
अयोध्या। जिले में संचालित सभी गौ आश्रय स्थलों में उनकी क्षमता के अनुसार गौवंशों का संरक्षण करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा गौवंशों की शत-प्रतिशत टैगिंग कराये जाने के निर्देश दिए गए हैं। सीडीओ अनीता यादव की ओर से सभी ब्लाकों के पंचायत सचिवों और प्रधानों को निर्देशित किया गया है। एडीओ …
अयोध्या। जिले में संचालित सभी गौ आश्रय स्थलों में उनकी क्षमता के अनुसार गौवंशों का संरक्षण करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा गौवंशों की शत-प्रतिशत टैगिंग कराये जाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीडीओ अनीता यादव की ओर से सभी ब्लाकों के पंचायत सचिवों और प्रधानों को निर्देशित किया गया है। एडीओ पंचायत व पशु पालन विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से निरीक्षण और रिपोर्ट देने को कहा गया है।
सीडीओ ने चेतावनी दी कि यह संज्ञान में आया है कि गौ आश्रय स्थलों पर व्यवस्थाओं के संबन्ध में पंचायत सचिवों, ग्राम प्रधानों व पशु पालन विभाग के अधिकारियों द्वारा रुचि नहीं ली जा रही है, जिससे गौवंशों का संरक्षण शासन की मंशानुसार नही हो पा रहा है।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी ब्लाकों के बीडीओ व पशुपालन विभाग के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में संचालित गौशालाओं का साप्ताहिक निरीक्षण करें। उसकी रिपोर्ट फोटोग्राफ्स के साथ उपलब्ध कराएं। सीडीओ ने कहा है कि यदि किसी भी गौशाला में लापरवाही के कारण गौवंश की मृत्यु होती है तो इसके लिए सीधे तौर पर बीडीओ और सहायक पशु चिकित्साधिकारी को जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए गौशालाओं में संरक्षित गौवंशों का टीकाकरण कराएं।
इसके साथ ही हरे चारे की बुआई भी कराएं, जिससे गौवंश कमजोर न रहें। गौशालाओं की मॉनिटरिंग के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। निर्देश दिए हैं कि गौवंशों के संरक्षण में जो भी ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव रुचि न लें अथवा सहयोग न करे उसके खिलाफ कार्रवाई करें।
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