मुरादाबाद में 31.37 करोड़ रुपये की लागत से लगेगा लीगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट, लखनऊ की कंपनी को दिया ठेका
विनोद श्रीवास्तव/अमृत विचार। स्मार्ट सिटी मुरादाबाद में नागरिकों को स्मार्ट सुविधा देने का प्रयास जारी है। शहर को साफ सुथरा और कचरामुक्त रखने के लिए 31.37 करोड़ रुपये की लागत से लीगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट (पुराना कचरा निस्तारण संयंत्र) स्थापित हो रहा है। यह कार्य जुलाई 2023 तक पूरा हो जाएगा। लखनऊ की कंपनी नेशनल …
विनोद श्रीवास्तव/अमृत विचार। स्मार्ट सिटी मुरादाबाद में नागरिकों को स्मार्ट सुविधा देने का प्रयास जारी है। शहर को साफ सुथरा और कचरामुक्त रखने के लिए 31.37 करोड़ रुपये की लागत से लीगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट (पुराना कचरा निस्तारण संयंत्र) स्थापित हो रहा है। यह कार्य जुलाई 2023 तक पूरा हो जाएगा।
लखनऊ की कंपनी नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट एंड रिटेलिंग कोआपरेटिव आफ इंडिया को 31.37 करोड़ रुपये की लागत से प्लांट स्थापित करने का ठेका दिया गया है। रामपुर रोड स्थित ट्र्रेंचिंग ग्राउंड में लीगेसी वेस्ट प्लांट लगेगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत इस प्लांट की स्थापना की जा रही है। कंपनी 5.8 लाख टन लीगेसी कचरे की प्रोसेसिंग करेगी। प्लांट स्थापना का कार्य 22 जुलाई 2023 तक पूरा करना है। इस प्लांट के सक्रिय होने से कचरे को अलग कर उसके अन्य उत्पादों का उपयोग ईंधन के रूप में किया जा सकेगा। 5.8 लाख टन लीगेसी कचरे की प्रोसेसिंग करेगी कंपनी को करनी है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत स्थापित हो रहे इस प्लांट में कचरे की प्रोसेसिंग पर 22 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
क्या है लीगेस वेस्ट प्रोसेसिंग
बायो-माइनिंग या बायोरेमेडिएशन के रूप में लीगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग पर्यावरण के अनुकूल तकनीक है। जो मिट्टी और प्लास्टिक, धातु, कागज, जैविक कचरा जिसे पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) कर इसको किसी और रूप में प्रयोग करने लायक बना सके। लीगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में पुराने कूड़े से प्लास्टिक, पॉलीथिन आदि ज्वलनशील पदार्थ को अलग किया जाएगा। मिट्टी और कंक्रीट भी अलग होगा। लिगेसी वेस्ट से निकलने वाले प्लास्टिक का इस्तेमाल ईंधन के रूप में हो सकेगा।
31.37 करोड़ रुपये की लागत से लीगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना का कार्य लखनऊ की नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट एंड रिटेलिंग कोआपरेटिव आफ इंडिया कर रही है। कार्य 22 जुलाई 2023 तक पूरा हो जाएगा। इस प्लांट में पुराने कूड़े से प्लास्टिक, पॉलीथिन आदि ज्वलनशील पदार्थ को अलग किया जाएगा। -राजीव कुमार राठी, पर्यावरण-अधिशासी अभियंता, नगर निगम
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