बरेली: कट्टे का नहीं, आवंटित हुए पूरे खाद्यान का वजन करें कोटेदार
अमृत विचार, बरेली। भुता में सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी के जरिये कोटेदारों को दिए जा रहे खाद्यान के बोरों में कम खाद्यान निकलने का मामला सामने आया था। कहा गया कि बोरियों में 10 से 15 किलो तक खाद्यान कम निकला। इसके बाद जिलापूर्ति अधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को टीम जांच करने पहुंची …
अमृत विचार, बरेली। भुता में सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी के जरिये कोटेदारों को दिए जा रहे खाद्यान के बोरों में कम खाद्यान निकलने का मामला सामने आया था। कहा गया कि बोरियों में 10 से 15 किलो तक खाद्यान कम निकला। इसके बाद जिलापूर्ति अधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को टीम जांच करने पहुंची और बोरो आदि का मिलान कराया गया, जिसकी रिपोर्ट आने की बात अधिकारी कह रहे हैं। हालांकि यह पहला मामला नहीं है जब किसी कोटेदार ने खाद्यान कम निकलने की बात कही हो।
शहर में भी इस तरह की शिकायतें सामने आई थीं। पंजाबपुरा और छावनी अशरफ खान के दो कोटेदार के यहां भी खाद्यान कम निकलने की बात कही गई, जिसकी तस्वीरें भी सोशल मीडया पर वायरल हुईं। इस पर पूर्ति विभाग का कहना है कि कोटेदार प्रति कट्टे के हिसाब से वजन का आंकलन न करें, बल्कि जितना खाद्यान उनको आवंटित हुआ है वो पूरा मिला या नहीं इसको निश्चित करें, क्योंकि कोटेदारों को पिछले चक्र में उनके बचे हुए स्टॉक के हिसाब से अगला आवंटन किया जाता है।
साथ कोटेदारों को पूरा खाद्यान तौलकर ही लेना चाहिए। दूसरी तरफ कोटेदारों का कहना है कि सारी गड़बड़ी परिवहन ठेकेदार कर रहे हैं। वह धर्मकांटे पर पूरे ट्रक का खाद्यान तौलते हैं, जबकि एक गाड़ी में 5 से 6 कोटेदारों का खाद्यान होता है। ऐसे में पूरे ट्रक का खाद्यान तौलकर उन्हें आवंटित हुए खाद्यान्न का पता नहीं लगाया जा सकता। गाड़ी से माल कट्टे के हिसाब से उतरता है, ऐसे में किसी कोटेदार के पास काम खाद्यान्न जा रहा है तो किसी के पास अधिक। हालांकि कोटेदार यह भी मान रहे हैं कि फर्क केवल दो से तीन कट्टों के अंदर ही निकलता है। जिलापूर्ति अधिकारी नीरज सिंग ने बताया कि कोटेदार अपने खाद्यान का उठान तौल से ही करें। फिलहाल कट्टों में खाद्यान कम निकलने के मामले की भी जांच कराई जा रही है।
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