हरदोई: मेडिकल स्टोर में फर्जी तरीके से चल रहा था अस्पताल, स्वास्थ्य महकमे ने शुरू की जांच
हरदोई। इस बदलते दौर में डाक्टर को फरिश्ता समझने की नासमझी करना, मुसीबत को मोल लेना है। सेहत के नाम पर क्या खेल हो रहा है। इसकी बानगी टड़ियावां जैसे छोटे से कस्बे में देखने को मिली। सवाल यह है कि जब इस छोटे से कस्बे के ऐसे हालात है,तो बड़े कस्बो क्या हाल होगा। …
हरदोई। इस बदलते दौर में डाक्टर को फरिश्ता समझने की नासमझी करना, मुसीबत को मोल लेना है। सेहत के नाम पर क्या खेल हो रहा है। इसकी बानगी टड़ियावां जैसे छोटे से कस्बे में देखने को मिली। सवाल यह है कि जब इस छोटे से कस्बे के ऐसे हालात है,तो बड़े कस्बो क्या हाल होगा।
सीएचसी टड़ियावां के प्रभारी डॉ.महेंद्र मित्रा शुक्रवार को अपनी टीम के साथ कस्बे में रंजना नर्सिंग होम पहुंचें। वहां हर तरीके के इलाज का सारा सामान रखा पाया गया। नर्सिंग होम का संचालक अपना रजिस्ट्रेशन नहीं दिखा सका। डॉ. मित्रा ने क्लीनिक स्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि रंजना नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन सीएमओ दफ्तर से पहले ही निरस्त हो चुका है।
इसके बाद डॉ.मित्रा की टीम लिलवल रोड पर प्रिंस मेडिकल स्टोर पर पहुंची। वहां मेडिकल स्टोर की आड़ में बाकायदा अस्पताल चलता हुआ पाया गया। वहां डिलेवरी टेबिल, आपरेशन करने के स्टूमेंट,ग्लोकोज़ की बोतलों के अलावा सारा ताम-झाम चोरी-छिपे रखा मिला। मेडिकल स्टोर के संचालक राममहेश टीम के पूछने पर एक भी जानकारी नहीं दे सके।
स्वास्थ्य महकमें के इस कदम से कस्बे में खलबली मची हुई है। कहा जा रहा है कि जब टड़ियावां जैसे छोटे से कस्बे में इस तरह की कारस्तानियां की जा रही है तो बड़े कस्बो का क्या हाल होगा। रंजना नर्सिंग होम और प्रिंस मेडिकल स्टोर के खिलाफ क्लीनिक स्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पुलिस को तहरीर दी गई है। इस बारे में टड़ियावां एसएचओ राजदेव मिश्रा का कहना है कि तहरीर आते ही जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है।
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