संभल : पुलिस ने पांच शातिर ठगों को किया गिरफ्तार, 75 लाख के 12 ट्रैक्टर बरामद
संभल, अमृत विचार। जिले की रजपुरा थाना पुलिस और एसओजी टीम ने सर्विलांस टीम की मदद से किराए पर ट्रैक्टर मांग करने के बाद वापस न करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इनकी निशान देही पर 75 लाख रुपए के 12 …
संभल, अमृत विचार। जिले की रजपुरा थाना पुलिस और एसओजी टीम ने सर्विलांस टीम की मदद से किराए पर ट्रैक्टर मांग करने के बाद वापस न करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इनकी निशान देही पर 75 लाख रुपए के 12 ट्रैक्टर बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्रा ने रविवार को अंतर्राज्यीय ट्रैक्टर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मामले का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि कुछ लोग ग्रामीण क्षेत्रों में तीस हजार रुपये प्रतिमाह की एवज में ट्रैक्टर का फर्जी अनुबंध करते हैं। इसके बाद ट्रैक्टर का इंजन नंबर और चेसिस नंबर बदलकर बेच देते थे। बकायदा लोगों को अपने चंगुल में फंसाने के लिए ठगों ने गाजियाबाद में ऑफिस बनाया था। इसी ऑफिस के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में ठग ट्रैक्टर स्वामियों को हर माह अकाउंट में किराये पर भेजने का लालच देकर अपने जाल में फंसा लेते थे।
बीते दिनों रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव दादपुर निवासी महेश पुत्र राजकुमार पुलिस को तहरीर सौंपकर अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करायी थी। उसने पुलिस को बताया कि गाजियाबाद जनपद के थाना मुरादनगर के मथुरापुर निवासी मतेंद्र नागर पुत्र रविंद्र नागर ने तीस हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से ट्रैक्टर ट्रॉली का अनुबंध किया। इसके बाद से न तो उसको पैसे दिए गए और न ही उसका ट्रैक्टर वापस किया गया। पीड़ित ने कई बार उससे ट्रैक्टर वापस करने के लिए कहा, लेकिन उसने ट्रैक्टर वापस नहीं किया।
इसके बाद पीड़ित ने रजपुरा थाने में अपने शिकायत दर्ज करायी। इसके बाद ऐसे ही कई मामले पुलिस के संज्ञान में आए, जिसमें कुछ लोगों ने फर्जी अनुबंध करने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को किराये पर लिया गया, लेकिन ट्रैक्टर स्वामियों को न तो तय किराया मिला और न अपना ट्रैक्टर वापस मिला। एक ही तरह से लोगों के साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत से पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए योजना तैयार की। इसके तहत पुलिस ने पांच लोगों को धर दबोचा।
पुलिस के अनुसा,र गाजियाबाद जनपद के थाना मुरादनगर क्षेत्र के मथुरापुर निवासी मतेंद्र नागर पुत्र रवींद्र नागर और उसके चार साथी जितेंद्र पुत्र राजेश निवासी मकरेड़ा थाना मुरादनगर जनपद गाजियाबाद, मोहरपाल पुत्र विद्याराम निवासी करियाबई थाना जरीफनगर जनपद बदायूं, मुनेंद्रपाल पुत्र सत्यपाल निवासी सिकंदरपुर जनपद कासगंज और भूपसिंह पुत्र रामपाल निवासी कस्बा व थाना कादरचौक जनपद बदायूं को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके दो साथी मौके से फरार हो गए। इनके कब्जे से 12 ट्रैक्टर भी बरामद किए गए।
एसपी के अनुसार आरोपी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अपने जाल में फंसाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली का फर्जी अनुबंध तीस हजार रुपये प्रतिमाह के एवज में करते थे। ट्रैक्टर स्वामियों को अपने चंगुल में फंसाने के लिए उन्होंने गाजियाबाद में एक आफिस भी बनाया था। जिस पर लोगों को बुलाकर ठगी को अंजाम दिया जाता है। इसके बाद ट्रैक्टर अपने कब्जे में लेकर इंजन और चेसिस नंबर बदलकर ट्रैक्टर बेच देते थे। पुलिस ने मामले का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेज दिया दिया।
पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्रा ने बताया कि शनिवार को पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से 12 ट्रैक्टर 75 लाख रुपए कीमत के बरामद किए गए हैं। पुलिस कार्रवाई के बाद पांचों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उनको जेल भेज दिया गया।
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