रायबरेली: ऊंचाहार के एक दर्जन से अधिक भवनों पर मंडराया बुलडोजर का खतरा, बिजली विभाग के भूमि पर बनाए गए है मकान
ऊंचाहार/रायबरेली। नगर क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक भवनों पर बुलडोजर का खतरा मंडरा रहा है। बिजली विभाग की करीब दो बीघे भूमि पर अवैध तरीके से बने मकानों को लेकर प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। ऊंचाहार नगर के मध्य में स्थित 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र की बेस कीमती भूमि पर दशकों से …
ऊंचाहार/रायबरेली। नगर क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक भवनों पर बुलडोजर का खतरा मंडरा रहा है। बिजली विभाग की करीब दो बीघे भूमि पर अवैध तरीके से बने मकानों को लेकर प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। ऊंचाहार नगर के मध्य में स्थित 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र की बेस कीमती भूमि पर दशकों से खूब क्रय विक्रय हुआ है। इसमें अब भवन बन गए है। मामले की शिकायत शासन ने हुई तो भूमि की पैमाइस की गई।
उसके बाद पूरे खेल का खुलासा हुआ है। अब पूरे नगर में हड़कंप मचा हुआ है। राजस्व अभिलेखों में नगर की भूमि संख्या 3732, 3733, 3734, 3735 क, 3736 क और 3737 में बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर के नाम दर्ज है। इस भूमि का कुल रकबा करीब साढ़े तीन बीघा है। जबकि वर्तमान में उपकेंद्र के पास बमुश्किल डेढ़ बीघा भूमि है । इसके अलावा उपकेंद्र के आसपास करीब दो बीघे भूमि पर दर्जनों मकान बने हुए है।
कई दशक से होती रही सरकारी भूमि की विक्री
बिजली विभाग की सुरक्षित भूमि पर कई दशक से अवैध रूप से कब्जा करके क्रय विक्रय का खेल चलता रहा है। इस जमीन को कई बार खरीदा और बेंचा गया है। बताते है कि बिजली विभाग के एक अवर अभियंता ने भी इसमें खेल किया है। अब जब भूमि की तालाश जारी हुई है तो इस भूमि पर बने दर्जनों भवन कार्रवाई की जद में आ गए हैं।
शासन को भेजी गई रिपोर्ट
एसडीएम राजेश कुमार ने बिजली विभाग की भूमि को लेकर एक रिपोर्ट शासन में और बिजली विभाग के अधिकारियों को भेजा है । अब इसमें कार्रवाई को लेकर संभावनाएं बढ़ गई है । सरकारी भूमि को मुक्त कराने के लिए भवनों के ध्वस्तीकरण की संभावना बढ़ गई है । एसडीएम ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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