दिल्ली और पंजाब सरकार ने किया नॉलेज शेयरिंग एग्रीमेंट 

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नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान ने मंगलवार को नॉलेज शेयरिंग एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत दोनों राज्यों के लोगों की तरक्क़ी के लिए एक-दूसरे के अच्छे कामों को सीखेंगे। श्री केजरीवाल ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज पंजाब और दिल्ली …

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान ने मंगलवार को नॉलेज शेयरिंग एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत दोनों राज्यों के लोगों की तरक्क़ी के लिए एक-दूसरे के अच्छे कामों को सीखेंगे। श्री केजरीवाल ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज पंजाब और दिल्ली सरकार के बीच नॉलेज शेयरिंग एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किये गये ।

यह भारत के इतिहास में बहुत ही यूनिक किस्म की घटना है कि सरकारें आपस में एक-दूसरे से सीखने के लिए एग्रीमेंट साइन कर रही हैं। उन्होंने कहा , “ यह कहना गलत होगा कि केवल हमारी सरकार ने आज तक अच्छा काम किया। अभी तक 75 साल में ऐसे बहुत सारे वाकये हैं, जब अलग-अलग सरकारों ने अलग-अलग राज्यों की सरकारों ने, अलग-अलग पार्टी की सरकारों ने अलग-अलग समय पर बहुत अच्छे काम किए। लेकिन मुझे लगता है कि एक कमी रह गई कि पूरे देश ने उनसे बड़े स्तर पर सीखकर आपस में काम नहीं किया।

हम आपस में राज्यों में बंटे रहे, हम आपस में पार्टियों में बंटे रहे। हम लोगों ने एक-दूसरे से सीखा नहीं। यह जो एग्रीमेंट हुआ है, यह एक नया किस्म का है।” उन्होंने कहा कि आज दिल्ली के अंदर शिक्षा और स्वास्थ्य के अंदर जो अच्छा काम हुआ, उसकी चर्चा पूरे देश और दुनिया में हो रही है। दिल्ली से सीखकर पंजाब में भी काम किए जाएं। पंजाब के अंदर भी बहुत अच्छे काम हुए। आने वाले समय में और अच्छे काम होंगे।

केजरीवाल ने कहा कि यह भारत के इतिहास में एक नया प्रयोग है कि नॉलेज शेयर करने के लिए एग्रीमेंट किया गया है। हमने तय किया है कि दिल्ली और पंजाब के लोगों की तरक्क़ी के लिए हम एक-दूसरे के अच्छे कामों से सीखेंगे। देश में यह एक नयी तरह की पहल है। दो सरकारें मिलकर जनता के लिए काम करेंगी। एक-दूसरे के अच्छे कामों को सींखेंगे और सिखाएंगे। ऐसे ही दिल्ली और पंजाब आगे बढ़ेगा, ऐसे ही देश आगे बढ़ेगा। हम सब मिलकर बाबा साहब और सरदार भगत सिंह के सपनों को साकार करेंगे।

मान ने कहा , “ दिल्ली और पंजाब सरकार का नॉलेज शेयरिंग एग्रीमेंट एक ऐतिहासिक कदम है। दोनों सरकारें एक दूसरे से सीखेंगी। हम दिल्ली के क्रांतिकारी काम पंजाब मे भी करेंगे। पंजाब के स्कूल और अस्पतालों का बहुत बुरा हाल है। डॉक्टर और शिक्षक हैं, लेकिन इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है। अगर हमें अच्छी चीजें सीखने के लिए इटली या किसी दूसरे राज्य में भी जाना पड़ेगा, तो हम जाएंगे। हमें पंजाब को दोबारा हंसता-खेलता रंगला पंजाब बनाना है।”

उन्होंने कहा कि पंजाब और दिल्ली सरकार के बीच नॉलेज शेयरिंग एग्रीमेंट हुआ है। लोग कहते हैं कि अच्छी चीज जितनी भी मिले, सीख लेनी चाहिए। हमेशा छात्र रहना चाहिए, सीखने के लिए तैयार रहना चाहिए। कई बार छोटे बच्चों से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। कई बार बुजुर्गों का अनुभव भी बहुत काम आता है। कल हमने मोहल्ला क्लीनिक, स्कूल और हॉस्पिटल देखें। जब मैं आर्टिस्ट था, तो पूरी दुनिया में शो करने जाता था। हमने कनाडा और अमेरिका के हॉस्पिटल, उनके स्कूल भी देखे हैं।

कल हमने दिल्ली सरकार के स्कूलों में अपनाई गई तकनीक और बच्चों के आत्मविश्वास देखा। इसको हम दिल्ली से सीखकर पंजाब में लागू करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में 19 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूल हैं और 23 लाख के आसपास बच्चे पढ़ते हैं। दिल्ली में 18 लाख बच्चे हैं और 1000 से 1100 सरकारी स्कूल हैं। हमारे पास स्कूलों और ग्राम पंचायत की काफी जमीन पड़ी है, जहां हम बहुत बड़े-बड़े खेल के मैदान बना सकते हैं।

पंजाब पहले स्पोर्ट्स के लिए जाना जाता था। उसके बाद कुछ सरकारों ने ऐसा किया कि पंजाब को नजर लग गई। पंजाब के स्कूल और अस्पतालों का बहुत बुरा हाल है। डॉक्टर भी हैं और शिक्षक भी हैं, लेकिन इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है। अगर मैं एमपी लैंड से कोरोना के समय वेंटिलेटर देता था, तो वेंटिलेटर हमें किसी बड़े अस्पताल को दान देना पड़ता था, क्योंकि जिला स्तर के अस्पतालों में वेंटिलेटर चलाने के लिए डॉक्टर नहीं है। विशेषज्ञ नहीं है। मैं वेंटिलेटर वाला एंबुलेंस देना चाहता था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया कि हमारे पास चालक नहीं है और ना तो वेंटिलेटर के लिए विशेषज्ञ है।

पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के मामले में पंजाब अग्रणी राज्य है। जो हम खेती में अच्छे काम करेंगे, तो दिल्ली के कृषि मंत्री और कृषि विभाग के अधिकारी भी पंजाब आ सकते हैं। वे पंजाब से सीखकर दिल्ली में लागू कर सकते हैं। अच्छी चीज सीखने के लिए हमें इटली भी जाना पड़े, तो हम जाएंगे। हमें किसी दूसरे राज्य में भी जाना पड़ेगा, तो हम जाएंगे। बाहर से किसी को आना पड़े, तो आएंगे।

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