कोरोना रोधी टीके की बूस्टर डोज जरूरी : प्रो. तूलिका चंद्रा

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लखनऊ। कोरोना वायरस के चौथी लहर की आशंका जतायी जा रही है । लेकिन इसको लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है। कोरोना रोधी टीका,वायरस से बचाव के तरीके तथा स्वछता को अपनाकर, वायरस को रोका जा सकता है। यह कहना है केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो.तूलिका चंद्रा का । उन्होंने यह …

लखनऊ। कोरोना वायरस के चौथी लहर की आशंका जतायी जा रही है । लेकिन इसको लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है। कोरोना रोधी टीका,वायरस से बचाव के तरीके तथा स्वछता को अपनाकर, वायरस को रोका जा सकता है। यह कहना है केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो.तूलिका चंद्रा का । उन्होंने यह बातें अमृत विचार के साथ हुयी बातचीत में कही हैं।केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. तूलिका चंद्रा ने कहा कि कोरोना संक्रमण के मामले इस समय बहुत नहीं है,लेकिन फिर भी हमे सर्तक रहने की आवश्यकता है, वहीं चौथी लहर की आशंका जतायी जा रही है।

ऐसे में जिन्होंने कोरोना रोधी टीके की दोनों डोज ले रखी है,साथ ही टीके की दूसरी खुराक लेने के बाद 6 महिने का वक्त बीत चुका है। तो कोरोना रोधी टीके की बूस्टर डोज लेना जरूरी है,कोरोना रोधी टीके की बूस्टर डोज लेने के बाद उससे कितनी सुरक्षा मिलेगी, यह तो समय ही बतायेगा,लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि वायरस से बचाव जरूर होगा। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस का वेरियंट में बदलाव आने के बाद हो सकता है कि उतनी सुरक्षा न मिले, जितने की हम उम्मीद कर रहे हैं।

इस वजह से बचाव के सारे तरीके अपनाने जरूरी हैं। लेकिन टीकाकरण के बाद यह देखा गया है कि वायरस के खिलाफ एक बड़े समूह में एण्डीबॉडी बन गयी है। यदि कोविड का वेरियंट बदलता है, तो हो सकता है कि एंडीबॉडी उस वेरिएंट के खिलाफ न काम करे। उन्होंने ने कहा कि टीकाकरण होने से, पहले की अपेक्षा हम सुरक्षित हैं,लेकिन लापरवाही न करें । बचाव व स्वच्छता का तरीका अपनायें, यही तरीका हमे कोविड पर विजय दिलायेगा।

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