कन्नौज: मारपीट के मामले में कोर्ट ने सात आरोपियों को सुनाई तीन-तीन साल की सजा
कन्नौज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशंभर प्रसाद ने मारपीट के दो मुकदमों में सात अभियुक्तों को तीन-तीन साल की जेल और ढाई ढाई हजार जुर्माना से दण्डित किया है। अपर शासकीय अधिवक्ता तरुण चंद्रा ने बताया कि 28 जनवरी 2015 को हुये दो पक्षों में हुए झगड़े में जवाबी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मामले …
कन्नौज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशंभर प्रसाद ने मारपीट के दो मुकदमों में सात अभियुक्तों को तीन-तीन साल की जेल और ढाई ढाई हजार जुर्माना से दण्डित किया है। अपर शासकीय अधिवक्ता तरुण चंद्रा ने बताया कि 28 जनवरी 2015 को हुये दो पक्षों में हुए झगड़े में जवाबी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मामले का मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश में चला।
सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने थाना इंदरगढ़ के मझिला निवासी रईस अली पुत्र वसीर,युनुस अली पुत्र सफ्फू अली, निजाकत अली पुत्र युनुस अली को धारा 323, 324, 308 में छह छह माह के सश्रम कारावास व 500-500 रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।अर्थदंड अदा न करने पर दस दस दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
इसी तरह धारा 324 में प्रत्येक अभियुक्त को दो दो वर्ष के सश्रम कारावास व एक एक हजार का अर्थ दंड लगाया है।अर्थदंड अदा न करने पर पंद्रह पंद्रह दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।धारा 308 में प्रत्येक अभियुक्त को तीन तीन वर्ष के सश्रम कारावास व 1-1 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक एक माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
इसके अतिरिक्त एक अन्य मुकदमे में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशंभर प्रसाद ने थाना इंदरगढ़ के ग्राम मझिला निवासी सुलेमान पुत्र सुलतान, सोनू पुत्र सुलेमान, अब्दुल हमीद पुत्र सुलतान, शोएब पुत्र जमालुद्दीन को धारा 323, 325, 427, 452, 504 के आरोप में छह छह माह के सश्रम कारावास एवम 500-500 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर 10-10 दिन की अतिरिक्त कारावास भोगनी होगी। धारा 325 के आरोप में प्रत्येक अभियुक्त को 2-2 वर्ष सश्रम कारावास व एक एक हजार जुर्माना लगाया है।
अर्थदंड अदा न करने पर बीस बीस दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। धारा 504 के आरोप में प्रत्येक अभियुक्त को छह छह माह के सश्रम कारावास व पांच सौ रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दस दस दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। न्यायाधीश ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि इस प्रकरण में जेल में बिताई गई अवधि इस दंडादेश में समायोजित की जायेगी।सभी सजाएं एक साथ चलेगी।
यह भी पढ़ें:-हरदोई: रेप के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई 14 साल की सजा
