लखनऊ: पूर्व मंत्री नकुल दुबे का बड़ा बयान, कहा- हमारा उद्देश्य व लक्ष्य साफ होना चाहिए

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लखनऊ। विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन के बैनर तले आयोजित गोष्ठी में पहुंचे पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि जिस व्यवस्था के खिलाफ यहां आन्दोलन करने की बात हो रही है, उसी व्यवस्था व सरकार के लोगों की फोटो छाप कर महिमा मंडन किया जा रहा है। ऐसे में …

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन के बैनर तले आयोजित गोष्ठी में पहुंचे पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि जिस व्यवस्था के खिलाफ यहां आन्दोलन करने की बात हो रही है, उसी व्यवस्था व सरकार के लोगों की फोटो छाप कर महिमा मंडन किया जा रहा है। ऐसे में व्यवस्था के खिलाफ आन्दोलन की बात करना बेमानी है। दरअसल,अखिल भारतीय विद्युत कर्मचारी उपभोक्ता समन्वय समिति के तत्वाधान में आज एक गोष्ठी का आयोजन किया गया था, प्रेस क्लब में आयोजित इस विचार गोष्ठी में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने हिस्सा लिया।

इस विचार गोष्ठी में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, निजीकरण समेत तमाम विषयों पर वक्ताओं को अपनी बात रखनी थी, गोष्ठी में हिस्सा लेने पूर्व मंत्री नकुल दुबे भी पहुंचे थे। इसी दौरान उनके हाथ में एक मैग्जीन दे दी गयी। जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री तथा मंत्री को फोटो छपी हुयी थी। इसी बात पर पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने सवाल उठाते हुये कहा कि क्या हम लोग भ्रष्टाचार तथा निजीकरण पर रोक लगा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हम नहीं लगा सकते, उन्होंने कहा कि क्या हम रोजगार सृजन कर सकते हैं, वह भी नहीं कर सकते, हम जो कर सकते हैं वह है आन्दोलन। उन्होंने कहा कि आन्दोलन हम सरकार की बनायी नीतियों के खिलाफ कर सकते हैं, लेकिन जब हम आन्दोलन करने जा रहे है सरकार की नीतिओं के खिलाफ, तो नीति बनाने वाले लोगों की तारीफ कैसे कर सकते हैं। हमारा उद्देश्य व लक्ष्य साफ होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि मैग्जीन में यहां बैठे लोगों की फोटो छपी होती, तो बेहतर होता। लेकिन नीति बनाने वाले लोगों की फोटो छाप कर आन्दोलन की बात करना उचित नहीं है। जब फोटो छाप कर महिमा मंडन हम करेंगे, फिर कैसे उनके खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे, उन्होंने कहा कि आज मैं सामान्य तरीके से लोगों के बीच जाता हूं, बीकेटी क्षेत्र से लेकर कहीं का भी व्यक्ति मेरे ऊपर किसी प्रकार का आरोप नहीं लगा सकता। हम लोगों ने चैलेंज लेकर काम किया है और यही चैलेंज में इस मोर्चा संगठन से भी चाहता हूं।

जब साथ देने की जरूरत, तब चलाया जा रहा बुल्डोजर

जब पूरा देश व प्रदेश कोरोना की महामारी से त्रस्त रहा,उस दौरान प्रदेश सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है,कह रही है कि एक सौ पचास करोंड़ लोगों को टीका फ्री में लगवा दिया। महामारी के समय में जब हम सबको, सभी के दुखों में खड़ा होना चाहिए,तब सरकार अतिक्रमण हटाने के नाम पर लोगों के घरों पर बुल्डोजर चलवा रही है।

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