बरेली: एमडीआर मरीजों को अब नहीं लगेगा इंजेक्शन

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अमृत विचार, बरेली। जिले से टीबी का दंश मिटाने को स्वास्थ्य विभाग ने कवायद जारी कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार को जिला अस्पताल के टीबी एवं चेस्ट विभाग की ओर से ऑल ओरल शॉर्टर रेजीमिन दवा को लॉन्च किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. के के मिश्रा, डा. सूरज कुमार सीनियर मेडिकल …

अमृत विचार, बरेली। जिले से टीबी का दंश मिटाने को स्वास्थ्य विभाग ने कवायद जारी कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार को जिला अस्पताल के टीबी एवं चेस्ट विभाग की ओर से ऑल ओरल शॉर्टर रेजीमिन दवा को लॉन्च किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. के के मिश्रा, डा. सूरज कुमार सीनियर मेडिकल आफिसर ने संयुक्त रूप से एमआरडी के मरीजों को दवा खिलाई। वहीं दवा के प्रभाव के प्रति मरीजों और उनके तीमारदारों को जागरूक भी किया।

एमडीआर वार्ड के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. सूरज कुमार ने बताया कि अभी तक एमडीआर टीबी मरीजों को कैनामाईशिन इंजेक्शन चार माह तक लगवाना पड़ता था लेकिन इस दवा के आने से अब इंजेक्शन से मरीजों को मुक्ति मिल जाएगी। अब इंजेक्शन की जगह टैबलेट ही मरीजों को खानी पड़ेगी। इस अवसर पर जिला पीएमडीटी समन्वयक आलोक कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक निखिल बंसल, टीबी विभाग के अन्य डॉक्टर्स और स्टाफ उपस्थित रहे।

मिलेगी इंजेक्शन से मुक्ति
विभागीय अफसरों के अनुसार इस दवा को अभी तक 18 वर्ष से ऊपर के एमडीआर टीबी मरीजों को दिया जाता था, लेकिन अब इसको पांच वर्ष से ऊपर के एमडीआर टीबी के सभी मरीजों को दिया जा सकेगा।इस दवा के आने के बाद अब एमडीआर टीबी मरीजों को लगातार चार माह तक लगने वाले इंजेक्शन के दर्द से छुटकारा मिलेगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. के के मिश्रा ने बताया कि इस दवा से अब टीबी के मरीज कम अवधि में ही (9माह) में पूरी तरह से मुक्त हो जायेंगे। उन्होंने बताया कि 2021 में बरेली जनपद में एमडीआर के 275 मरीज थे। वहीं 2022 में एमडीआर के 45 मरीज मिल चुके हैं।

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