अयोध्या: बिजली कटौती से परेशान हुए लोग, सोशल मीडिया पर निकाल रहे भड़ास

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या। बिजली कटौती की समस्या से हर वर्ग त्राहि-त्राहि कर रहा है। आलम यह है कि दिन में भयंकर गर्मी के बीच बिजली कटते ही लोग बिलबिला उठते हैं। रात में उमस के समय बिजली की आंख मिचौली से लोग छटपटा रहे हैं। शहर में लोड बढ़ने के कारण ट्रांसफार्मर फुंकते जा रहे हैं। ग्रामीण …

अयोध्या। बिजली कटौती की समस्या से हर वर्ग त्राहि-त्राहि कर रहा है। आलम यह है कि दिन में भयंकर गर्मी के बीच बिजली कटते ही लोग बिलबिला उठते हैं। रात में उमस के समय बिजली की आंख मिचौली से लोग छटपटा रहे हैं। शहर में लोड बढ़ने के कारण ट्रांसफार्मर फुंकते जा रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों में तो बुरा हाल है। कटौती होने से सारी व्यवस्थाएं ही फेल हो गई हैं। इन्वर्टर चार्ज नहीं हो रहे। लोगों में रोष पनप चुका है और सोशल मीडिया पर जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। सरकार को भी खूब खरी-खोटी सुना रहे हैं। अघोषित कटौती के कारण छोटे उद्योग भी सिसक-सिसक कर चल रहे हैं। व्यापारियों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

गोसाईगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में लाइट रात में नौ बजे कटने के बाद साढ़े बारह बजे आती है। घंटे दो घंटे रहने बाद फिर गायब हो जाती है। सुबह पांच आती है तो दिन में कब चली जाय इसका कुछ अता पता नहीं रहता।

पुरुष तो किसी तरह घरों से बाहर निकल कर समय काट ले रहे हैं परंतु महिलाओं के लिए यह समय काफी कष्टदायक होता है। कटौती को लेकर जेई, एसडीओ से बात की जाती है तो ऊपर से ही कटौती और रोस्टिंग की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।

पूराबाजार प्रतिनिधि के अनुसार विद्युत उपकेंद्र रसूलाबाद में कटौती चरम पर है। यहां रोस्टर का कोई मतलब नहीं रह गया है। एक डेढ़ घंटे विद्युत सप्लाई होने के बाद 3 घंटे के लिए बंद हो जाती है फिर आधे घंटे आने के बाद 2 से 3 घंटे के लिए फिर कट जाती है।

सिंचाई न होने से फसलें सूख रहीं

सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में महज आठ घंटे से बिजली सप्लाई हो रही है। ग्रामीणों मे सरकार व विभागीय अधिकारियों के प्रति आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीण किसान मेक्ष सरायनामू निवासी रामजीत वर्मा, थरेरू निवासी भगवान प्रसाद पांडेय, विनोद तिवारी,पूर्व प्रधान खुर्शीद खान, फिरोज अहमद अधिवक्ता अनूप पांडेय ने कहा कि सरकार कोयले की कमी का बहाना बनाकर अघोषित कटौती कर आठ घंटे भी बिजली की सप्लाई देने मे कामयाब नही हो पा रही। कैरोसिन पहले ही बंद कर दिया गया, जिससे शाम होते ही घर में उजाला रखना भी मयस्सर नहीं हो पा रहा है। सिंचाई न हो पाने से खेत में खड़ी फसलें सूख रही हैं।

क्षेत्र में बिजली संकट के कारण कुटीर उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच रहे हैं। तहसील क्षेत्र के कुमारगंज बाजार में आटा चक्की का उद्योग चला रहे ओम प्रकाश तिवारी ने बताया कि बिजली न मिलने से उनका बिजनेस पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। ग्राहकों की नाराजगी के साथ आमदनी भी न के बराबर हो रही है। वेल्डिंग का कार्य करके अपनी रोजी-रोटी चला रहे रवि पांडेय ने बताया कि सप्लाई न मिलने से कार्य पूरी तरह से बैठ गया है। जबकि यह सीजन वेल्डिंग कार्य के लिए पीक माना जाता है।

इस समय लोग मकानों व दुकानों का निर्माण ज्यादा करा रहे हैं, लेकिन लोगों को समय से सामान नहीं उपलब्ध करा पा रहे हैं, जिसकी वजह से जलालत झेलनी पड़ रही है। स्थिति इतनी खराब है कि आमदनी ना होने से घर में सब्जी ले जाना मुनासिब नहीं हो रहा है।

प्रगतिशील किसान डॉ. मनीष सिंह का कहना है कि बिजली की समस्या बहुत ही जटिल है। उड़द की बुवाई से पहले खेत की सिंचाई करनी पड़ती है लेकिन विद्युत व्यवस्था ठीक ना होने के कारण नहीं हो पा रही है।

कार्पोरेशन की रिपोर्ट पढ़ झल्ला जाएंगे

पावर कॉपोर्रेशन की आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार रात गांवों में औसतन 7:57 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 6:02 घंटे व नगर पंचायतों में 6:17 घंटे कटौती की गई। रिपोर्ट में जिला व मंडल मुख्यालयों, महानगरों और उद्योगों को 24 घंटे आपूर्ति का दावा किया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और हैं ।

सोशल मीडिया पर घड़ी हो रही वायरल

कटौती शुरू होते ही लोग सोशल मीडिया पर एक घड़ी पोस्ट कर रहे हैं, जिसमें नंबर नहीं बल्कि डायल पर बिजली गई और बिजली आई लिखा हुआ है। इस घड़ी के साथ लोग प्रदेश सरकार पर भी जमकर कटाक्ष कर रहे हैं। लोगों ने कहा चुनाव के समय खूब बिजली दी गई, लेकिन चुनाव बीतते ही सरकार ने अपनी असलियत दिखा दी।

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