3 मई को मनाई जाएगी ईद-उल-फितर, लगातार तीसरे साल हुए 30 रोज़े

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रमज़ान के 30 रोज़ों के बाद इस बार ईद का त्योहार 3 मई यानी मंगलवार को मनाया जाएगा। सऊदी अरब में रविवार को चांद नहीं दिखाई देने के चलते अब ईद कल मनाई जाएगी। बता दें ईद मुस्लिम लोगों के लिए काफी बड़ा त्योहार माना जाता है। ईद-उल-फितर को भाईचारे और अमन का पैगाम लाने …

रमज़ान के 30 रोज़ों के बाद इस बार ईद का त्योहार 3 मई यानी मंगलवार को मनाया जाएगा। सऊदी अरब में रविवार को चांद नहीं दिखाई देने के चलते अब ईद कल मनाई जाएगी। बता दें ईद मुस्लिम लोगों के लिए काफी बड़ा त्योहार माना जाता है। ईद-उल-फितर को भाईचारे और अमन का पैगाम लाने वाला त्योहार माना जाता है। वहीं पिछले दो सालों से कोरोना प्रतिबंधों को झेल रहे लोग इस बार ईद पर खूब खरीदारी कर रहे हैं। ईद की वजह से देशभर के बाजारों में धूम मची है और लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है।

वहीं उलेमाओं के मुताबिक लगातार तीसरे साल तीस रोजे के बाद ईद का त्योहार हो रहा है। इस बार शिद्दत की गर्मी के बीच रमज़ान के रोज़े साढ़े 14 घंटे तक रहे। पहले आमतौर पर 29वें रोजे के बाद ईद हो जाती थी, लेकिन पिछले तीन साल से 30 रोजे के बाद ईद का त्योहार हो रहा है।

बता दें, मुसलमानों का त्योहार ईद मूल रूप से भाईचारे को बढ़ावा देने वाला त्योहार है। इस त्योहार को सभी आपस में मिल के मनाते है और खुदा से सुख-शांति और बरकत के लिए दुआएं मांगते हैं। पूरी दुनिया में ईद पूरे हर्षोल्लास से मनाई जाती है। बता दें ईद उल-फितर को (अरबी: عيد الفطر) मुसलमान रमज़ान उल-मुबारक के एक महीने के बाद एक मज़हबी ख़ुशी का त्यौहार मनाते हैं। जिसे ईद उल-फितर कहा जाता है। ईद उल-फितर इस्लामी कैलेण्डर के दसवें महीने शव्वाल के पहले दिन मनाया जाता है। इस्लामी कैलंडर के सभी महीनों की तरह यह भी नए चाँद के दिखने पर शुरू होता है।

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