चंदौली: युवती की मौत के मामले में थाना प्रभारी निलंबित, उच्चस्तरीय जांच के आदेश

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वाराणसी/चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली में रविवार की शाम को पुलिस की कथित पिटाई से मृत युवती के मामले में सैयदराजा थाना के प्रभारी को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिये गये हैं। इस बीच मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गयी …

वाराणसी/चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली में रविवार की शाम को पुलिस की कथित पिटाई से मृत युवती के मामले में सैयदराजा थाना के प्रभारी को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिये गये हैं। इस बीच मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गयी है, जिसमें उसके शरीर पर खरोंच और मामूली चोट का एक निशान पाया गया है।

पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि जिलाधिकारी ने प्राथमिक जांच के बाद सैयदराजा थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है और साथ ही मुकदमा दर्ज कर उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने कहा कि यदि मामले में कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

उन्होंने पुलिस पर पीड़िता के साथ बलात्कार करने के मृतका के भाई द्वारा आरोप लगाने के सवाल पर कहा कि मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले में मामूली खरोंच ओर बांये जबड़े के पास 0.5 सेंमी का हल्की चोट का निशान पाया गया है। इसके अलावा पूरे शरीर में अंदरूनी या बाहरी चोट की कोई बात रिपोर्ट में सामने नहीं आयी है। अग्रवाल ने कहा कि रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट नहीं है इसलिये आगे विसरा जांच के लिये जरूरी सेंपल सुरक्षित रख लिये गये हैं और विसरा जांच के लिये इन्हें भेज भी दिया गया है।

इस प्रकरण को लेकर पुलिस की भूमिका को लेकर राजनीति शुरू हो गयी है। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि चंदौली में पुलिस ने जानबूझ कर इस घटना को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई जातिगत आधार पर की गयी है। अखिलेश ने कहा, “चंदौली के इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मियों ने जानबूझकर यह घटना की है, केवल डराने के लिये। अगर बहन की जान गई है तो आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिये।”

गाैरतलब है कि रविवार की शाम को हुयी वारदात के बाद भारी पुलिस फोर्स के साथ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिस पर सपा के तमाम नेता व ग्रामीण धरने पर बैठ गए और डीएम, एसपी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। इसके बाद डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मनराज गांव में गैंगेस्टर कन्हैया यादव को पकड़ने गई पुलिस के साथ परिवार की महिलाएं उलझ गईं थी। पुलिस आरोपी के भाई को पकड़कर अपने साथ ले गई। इसके कुछ ही देर बाद कन्हैया की 20 वर्षीय पुत्री गुड़िया की मौत हो गई जबकि 18 वर्षीय छोटी पुत्री गुंजा ने अपने हाथ की नस काट ली।

घटना से गुस्साए ग्रामीण लाठी डंडे से लैस होकर अमड़ा-जमानियां मार्ग पर पहुंचे और चक्काजाम कर दिया। कई वाहनों में तोड़फोड़ की। डायल 112 नंबर पुलिस की बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया और दो पुलिसकर्मियों की जमकर पिटाई भी कर दी। एक पुलिसकर्मी किसी तरह जान बचाकर भाग निकला जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे पुलिसकर्मी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सूत्रों ने बताया कि गैंगस्टर को पकड़ने गयी पुलिस के साथ महिला सिपाही भी थीं। महिलाओं की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं की पिटाई भी की और इसी पिटाई में गुडिया की मौत हुयी। तनाव को देखते हुये गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।

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