बरेली: बीईओ के जर्जर कार्यालय में स्कूलों के जरूरी दस्तावेजों को खतरा
बरेली,अमृत विचार। जिले के तमाम सरकारी कार्यालयों के जर्जर भवन किसी बड़े हादसे को खुला आमंत्रण दे रहे हैं। हालात ये हैं कि इन कार्यालयों को न तो कोई नया भवन मुहैया हो पा रहा है और न ही मरम्मत हो पा रही है। ऐसे में यहां रखे जरूरी दस्तावेजों के खराब होने का खतरा …
बरेली,अमृत विचार। जिले के तमाम सरकारी कार्यालयों के जर्जर भवन किसी बड़े हादसे को खुला आमंत्रण दे रहे हैं। हालात ये हैं कि इन कार्यालयों को न तो कोई नया भवन मुहैया हो पा रहा है और न ही मरम्मत हो पा रही है। ऐसे में यहां रखे जरूरी दस्तावेजों के खराब होने का खतरा बना हुआ है। नगर निगम परिसर में पीछे की ओर स्थित खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय भी जर्जर स्थिति में आया है।
इसके बावजूद अधिकारी और कर्मचारी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी करने को विवश हैं।
भवन की छत और दीवारों से झड़ रहा प्लास्टर यह कार्यालय 4 वर्ष पूर्व ही नगर निगम परिसर में पुराने भवन में संचालित प्राथमिक स्कूल में शिफ्ट किया गया था।
उम्मीद थी की जल्द ही कोई और सुदृढ व्यवस्था होने के बाद सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करा दिया जाएगा, लेकिन अभी तक नहीं हो पाया है जबकि प्राथमिक स्कूल का भवन ब्रिटिश काल का निर्मित है। इस भवन का उखड़ता प्लास्टर और दीवारों पर उगे पेड़ इसके जर्जर होने की कहानी कह रहे हैं। इस भवन के कमरों में न तो दीवारें ही ठीक हैं और न ही दरवाजे और खिड़कियां ही ठीक हैं।
भवन के इर्द-गिर्द का हिस्सा गिर चुका है। सिर्फ एक कमरा और एक बरामदे में ही कार्यालय का काम संचालित हो रहा है। भवन की छत में प्लास्टर झड़ता जा रहा है और जगह जगह से ईंट व सरिया भी दिखाई देने लगी है। कार्यालय तक जाने के लिए गहरे गड्डे और गंदगी का अंबार पार करना पड़ता है। यहां खतरनाक कीटों की आशंका भी बनी रहती है। इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। कार्यालय में वैसे तो लगभग 29 कर्मचारी अलग-अलग पटलों पर तैनात है, लेकिन यहां सिर्फ 10 कार्यरत हैं और शेष अन्य कार्यालयाें में अटैच किए गए हैं।
नगर निगम के नवनिर्मित भवन में नही मिलेगा कार्यालय
उम्मीद थी कि नगर निगम परिसर में नवनिर्मित भवन में ही खंड शिक्षा कार्यालय के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने स्पष्ट तौर पर बताया कि इस संबंध में किसी प्रकार के निर्देश नही हैं । भवन में प्रशासनिक कार्यालयों को शिफ्ट कराया जाना है।
कार्यालय की दयनीय दशा को देखते हुए कई बार उच्च अधिकारियों से अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर कार्यालय के शिफ्ट कराने की मांग की गई है। कार्यालय को यदि पुराने बीएसए कार्यालय में भी शिफ्ट करा दिया जाए तो उचित रहेगा। वहां इससे बेहतर स्थिति है और यहां का विद्यालय कार्य भी अवैध रूप से संचालित होता रहेगा।—त्रिलोकी सिंह गंगवार, बीईओ
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