सीने में दर्द की न करें अनदेखी, पड़ सकती है भारी
मुरादाबाद,अमृत विचार। हार्टअटैक से बचने के लिए जरूरी है कि सीने में दर्द की अनदेखी न की जाए। क्योंकि लंबे समय तक इसकी अनदेखी जान पर भारी पड़ सकती है। अब हार्टअटैक अधिक उम्र वालों की बीमारी न होकर कम अर्थात युवा वर्ग को भी अपने चपेट में ले रही है। हार्टअटैक किसी को भी …
मुरादाबाद,अमृत विचार। हार्टअटैक से बचने के लिए जरूरी है कि सीने में दर्द की अनदेखी न की जाए। क्योंकि लंबे समय तक इसकी अनदेखी जान पर भारी पड़ सकती है। अब हार्टअटैक अधिक उम्र वालों की बीमारी न होकर कम अर्थात युवा वर्ग को भी अपने चपेट में ले रही है। हार्टअटैक किसी को भी कहीं भी और कभी भी आ सकता है, ऐसे में तुरंत इससे बचना संभव नहीं है, लेकिन हार्टअटैक आने से महीने भर पहले सीने में हो रहे दर्द को खतरे का संकेत समझ कर सावधानी बरतना शुरू कर दें।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन डॉ. प्रवीण शाह कहते हैं कि उनकी ओपीडी में आने वाले कई मरीज कम उम्र में हार्ट और चेस्ट पेन की शिकायत लेकर आ रहे हैं। प्रतिदिन दस से 15 मरीज इससे पीड़ित होते हैं, जिनकी उम्र 25-40 वर्ष के आसपास होती है। तनावयुक्त जीवन शैली, अनियमित दिनचर्या और आनुवांशिकता भी हृदय और सीने की बीमारियों का कारण बनते हैं। तो ऐसे में जिनके माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी में उच्च रक्तचाप, हृदय की बीमारियों का इतिहास हो वह लोग पूरी तरह सतर्कता बरतें। क्योंकि उनमें यह बीमारियां होने की आशंका अन्य के मुकाबले अधिक होती है। हार्टअटैक से कुछ समय पहले से शरीर इसका संकेत देने लगता है, इसको नजर अंदाज करने की गलती न करें।
क्या करें
- फाइवर युक्त आटा व भोजन का अधिक प्रयोग करें
- नियमित व्यायाम करें
- अधिक तनाव से बचें
- खाने में नमक और सेचुरेटेड फैट अर्थात जानवरों से प्राप्त चर्बी का प्रयोग कम करें।
- सोयाबीन, सरसों,सूरजमुखी का तेल सर्वोत्तम है।
रिस्क फैक्टर
परिवार में आनुवांशिक हार्ट की बीमारी, उच्च रक्तचाप की बीमारी है तो सतर्क रहें। 45 के बाद सीने में दर्द को नजर अंदाज न करें। 45 वर्ष के पहले के उम्र वालों को भी इसकी दिक्कत हो सकती है। यदि उम्र 45 वर्ष से अधिक है और सीने में या हृदय में कोई भी समस्या है, उच्च रक्तचाप है तो हर साल एक ईसीजी अवश्य कराएं।
लक्षण
- हर्टबर्न की समस्या होना, जिसे लोग आमतौर पर एसिडिटी समझकर अनदेखा कर देते हैं
- सांस लेने में तकलीफ होना या कभी कभी सांस का अटकना
- बहुत जल्दी थक जाना
- रह रहकर चक्कर आना
- ब्लड प्रेशर अनियंत्रित रहना
- सीने में दर्द होना
- सांस लेने में दिक्कत होना और कई बार सीने में दर्द के समय अत्यधिक पसीना आना
क्या न करें प्रयोग
- जंकफूड जैसे बर्गर, चाऊमीन, पिज्जा के प्रयोग से बचें
- अधिक तैलीय वस्तुओं से बने खाद्य पदार्थ का सेवन न करें
- वजन न बढ़ने दें।
- रिफाइंड का कम से कम प्रयोग करें।
