पीलीभीत: 24 घंटे के भीतर एलएच चीनी मिल के अधिकारियों पर दूसरी एफआईआर
अमृत विचार, पीलीभीत। हाईवे से लेकर अन्य प्रमुख मार्गों पर गन्ना वाहनों से लग रहे जाम का चार दिन बाद भी कोई समाधान नहीं हो सका है। सड़कों पर गन्ना वाहनों की कतार राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई है। वहीं, पुलिस की ओर से सख्ती बरकरार है। 24 घंटे के भीतर सुनगढ़ी थाने में …
अमृत विचार, पीलीभीत। हाईवे से लेकर अन्य प्रमुख मार्गों पर गन्ना वाहनों से लग रहे जाम का चार दिन बाद भी कोई समाधान नहीं हो सका है। सड़कों पर गन्ना वाहनों की कतार राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई है। वहीं, पुलिस की ओर से सख्ती बरकरार है। 24 घंटे के भीतर सुनगढ़ी थाने में चीनी मिल के अधिकारियों के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है।
गन्ना वाहनों को लेकर फैली अव्यवस्था को लेकर एक दिन पूर्व एलएच चीनी मिल के प्रबंधक आशीष गुप्ता और लाइजनिंग आफिसर पर कस्बा इंचार्ज महेंद्रपाल सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मगर, उसके बाद भी हालत बेकाबू रहे। जिसके बाद अब दूसरी रिपोर्ट पूरनपुर गेट पुलिस चौकी के प्रभारी मंगल सिंह की ओर से दर्ज की गई है। धारा 268, 283, 332 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत हुई एफआईआर में एलएच चीनी मिल के जीएम केबी शर्मा, एजीएम एचआर आशीष गुप्ता, एजीएम केन संजीव राठी और लाइजनिंग ऑफिसर किशन सिंह विष्ट को नामजद करते हुए आरोपी बनाया गया है।
एफआईआर में बताया है कि चौकी प्रभारी पूरनपुर गेट गश्त करते हुए गौहनिया चौराहा पहुंचे। अधिक संख्या में गन्ना लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियों के होने से जाम लगा हुआ था। इस जाम में आम नागरिकों के वाहन ही नहीं, एंबुलेंस भी फंसी हुई थी। कई सरकारी वाहन भी जाम में फंसकर रह गए थे। आवागमन पूरी तरह से बाधित था।
ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से एक घंटे की मशक्कत के बाद जाम को खुलवाया जा सका। वाहनों की वजह से सरकारी सड़क भी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई। चीनी मिल के अधिकारियों को पूर्व में ही टोकन जारी करने को बताया गया था, लेकिन चीनी मिल के अधिकारियों ने मनमानी की। जाम में फंसे रहने से सरकारी कार्य में भी बाधा पहुंची। इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने बताया कि चीनी मिल के अधिकारियों के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है।
ये भी पढ़ें- बिहार: आय से अधिक संपत्ति मामले में सहरसा जेल अधीक्षक के खिलाफ एसवीयू का छापा
