वाराणसी: ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे को लेकर दोनों पक्षों ने की जमकर नारेबाजी, टीम के पहुंचने पर हुआ हंगामा
वाराणसी। यूपी के वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के पास स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे के लिये स्थानीय अदालत के आदेश पर न्यायालय और जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों की टीम शुक्रवार को मस्जिद परिसर में पहुंच गयी। इस टीम को ज्ञानवापी मस्जिद और इसके बगल में स्थित श्रंगार गौरी स्थल सहित परिसर के अन्य …
वाराणसी। यूपी के वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के पास स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे के लिये स्थानीय अदालत के आदेश पर न्यायालय और जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों की टीम शुक्रवार को मस्जिद परिसर में पहुंच गयी। इस टीम को ज्ञानवापी मस्जिद और इसके बगल में स्थित श्रंगार गौरी स्थल सहित परिसर के अन्य स्थानों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर सर्वे रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का न्यायिक आदेश हुआ है।
सूत्रों के अनुसार अदालत द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर की अगुवाई वाली टीम में वादी और प्रतिवादी पक्षकार सहित अन्य सदस्य जुमे की नमाज के बाद आज दिन में तीन बजे ज्ञानवापी परिसर में पहुंच गये। हालांकि इस बीच परिसर की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी का विरोध कर रहे लोगों का जमावड़ा हो गया और ये लोग सर्वे के विरोध में प्रदर्शन करने लगे।

गौरतलब है कि गत 26 अप्रैल काे वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर ने दिल्ली की पांच महिलाओं की एक अर्जी पर अदालत द्वारा नियुक्त टीम की निगरानी में ज्ञानवापी परिसर की वीडियोग्राफी कर सर्वे कराने का आदेश दिया था।
वादी पक्षकारों ने ज्ञानवापी परिसर में स्थित श्रंगार गौरी स्थल पर नियमित पूजा अर्चना करने की अनुमति देने की अदालत के समक्ष अर्जी दायर की थी।
मौजूदा व्यवस्था के अंतर्गत श्रंगार गौरी स्थल पर चैत्र नवरात्रि के दौरान सिर्फ एक दिन पूजा अर्चना की अनुमति है। साल में सिर्फ एक दिन पूजन की अनुमति को वादी पक्षकारों ने अदालत में चुनौती देते हुए इस स्थान पर नियमित पूजा अर्चना करने की छूट देने की मांग की थी। अदालत ने इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के लिये गठित टीम को 10 मई तक अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिये कहा है।
जानें क्या है पूरा मामला?
हिंदू पक्षकारों का मानना है कि पहले यहां मंदिर हुआ करता था। दावा किया जा रहा है कि यहां बजरंग बली की मूर्ति है, साथ ही अंदर गणेश जी की भी मूर्ति है। इसके अलावा दावा ये किया जा रहा है कि असली शिवलिंग ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाने में छिपा है। हालांकि अब जब ये सर्वे होगा तब सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
वहीं दूसरी ओर मुस्लिम पक्षकार का कहना है कि वे मस्जिद में किसी को घुसने नहीं देंगे। इस पर संत समिति का दावा है कि विरोध इसलिए किया जा रहा है कि क्योंकि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनी है और सर्वे से इसकी सच्चाई सामने आ जाएगी।
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