बहराइच: दैनिक सफाई कर्मियों ने सीएचसी अधीक्षक से वेतन दिलाने की मांग, जानें क्या है पूरा मामला
पयागपुर/बहराइच। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पयागपुर में दो कर्मचारियों की तैनाती दैनिक सफाईकर्मी के पद पर हुई थी। सभी का कहना है कि 10 वर्ष काम कराने के बाद उन्हें पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है। लेकिन उनके बकाए वेतन का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीएससी अधीक्षक …
पयागपुर/बहराइच। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पयागपुर में दो कर्मचारियों की तैनाती दैनिक सफाईकर्मी के पद पर हुई थी। सभी का कहना है कि 10 वर्ष काम कराने के बाद उन्हें पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है। लेकिन उनके बकाए वेतन का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। पयागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीएससी अधीक्षक की मनमानी दिनों दिन बढ़ती जा रही है।
कभी आशाओं का प्रदर्शन तो कभी कर्मचारियों को अपशब्द कहना, सीएचसी अधीक्षक की कारगुजारी में आ गया है। अब दो कर्मचारियों ने सीएचसी अधीक्षक पर वेतन न दिलाने का आरोप लगाया है। सीएचसी में जुगुल किशोर और मुन्ना वाल्मीकि की तैनाती दैनिक सफाई कर्मी के पद पर थी। सभी 10 वर्ष से काम कर रहे थे। लेकिन अधीक्षक डॉक्टर संदीप मिश्रा ने दोनों को हटा दिया।
कार्यमुक्त करने के बाद भी दोनों कर्मियों को उनका बकाया भुगतान नहीं दिया जा रहा है। सभी आर्थिक तंगी से परेशान हैं। अप्रैल माह में जिलाधिकारी ने सीएमओ को जांच कर दोनों लोगों को वेतन दिलाने के निर्देश दिए। अधीक्षक ने सीएमओ को पत्र लिखकर वेतन दिलाने की बात भी कही। इसके बाद भी वेतन नहीं दिया गया है। इस मामले में सीएमओ डॉ सतीश कुमार सिंह का कहना है कि दोनों को बकाया भुगतान देने के निर्देश दिए गए थे। मामले की जांच करा रहे हैं।
इस कारण हटाया
सीएचसी में तैनात रहे दैनिक कर्मचारी जुगुल किशोर वाल्मीकि और मुन्ना वाल्मीकि ने बताया कि आठ माह पूर्व सीएचसी अधीक्षक ने अस्पताल का एसी अपने घर भेजने की बात कही। चोरी करने से इंकार कर दिया तो नाराज अधीक्षक ने आचरण गलत बताकर नौकरी से हटा दिया।
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