पीलीभीत: गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी के पास मोबाइल, ये रिश्ता क्या कहलाता है?
पीलीभीत, अमृत विचार। शाहजहांपुर के किसान के एसपी दफ्तर के बाहर जहरीला पदार्थ खाने के बाद पुलिस पर आरोपी को बचाने और पीड़ित को अनसुना करने के आरोप लग रहे थे। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो चंद घंटों में एफआईआर ही दर्ज नहीं हुई बल्कि आरोपी भी गिरफ्तार कर लिया गया। मगर, इस गुडवर्क पर …
पीलीभीत, अमृत विचार। शाहजहांपुर के किसान के एसपी दफ्तर के बाहर जहरीला पदार्थ खाने के बाद पुलिस पर आरोपी को बचाने और पीड़ित को अनसुना करने के आरोप लग रहे थे। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो चंद घंटों में एफआईआर ही दर्ज नहीं हुई बल्कि आरोपी भी गिरफ्तार कर लिया गया।
मगर, इस गुडवर्क पर भी सवाल उठ गए। पुलिस गिरफ्त में आरोपी के फोटो में उसके पास मोबाइल भी मौजूद था। जिसे देख चर्चाएं बढ़ गई और हर कोई यही कहता रहा कि आखिर ये रिश्ता क्या कहलाता है?
किसान के जहरीला पदार्थ खाने के बाद ही किसान मनोज को टरकाने वाली पुलिस कार्रवाई में जुट गई थी। किसान को पुलिस सुरक्षा के बीच बरेली के रोहिलखण्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इधर, आरोपी मोहल्ला बख्तावर लाल निवासी हरीश गंगवार को भी बुलाया गया था। जिससे पुलिस पुछताछ में जुटी रही।
दोपहर बाद पुलिस ने किसान की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ धारा 406, 323,504, एससीएसटी एक्ट, सूदखोरी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली। उसके पास गिरवी रखा ट्रैक्टर भी बरामद कर लिया और गिरफ्तारी के दावे कर सख्त कार्रवाई बताई गई। इससे जुड़े फोटो भी डाले गए। मगर वह भी फजीहत का सबब बन गए। आरोपी पुलिस की गिरफ्त में था और फिर भी उसके हाथ में मोबाइल दिखा जो चर्चा का विषय बन गया।
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