पूर्व की सरकारों ने सहकारिता विभाग को समझा व्यक्तिगत खजाना : जे पी एस राठौर

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लखनऊ। भारतवर्ष में भी विकास की गति बहुत तेज हो गयी है। वर्तमान समय में बहुत सी स्थितियां बदल गयी हैं और यह सबकुछ तब से शुरू हुआ है, जब से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हुये हैं। इससे पहले सहकारिता विभाग को पूर्व की सरकारों ने व्यक्तिगत खजाना समझ रखा था, यह कहना है …

लखनऊ। भारतवर्ष में भी विकास की गति बहुत तेज हो गयी है। वर्तमान समय में बहुत सी स्थितियां बदल गयी हैं और यह सबकुछ तब से शुरू हुआ है, जब से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हुये हैं। इससे पहले सहकारिता विभाग को पूर्व की सरकारों ने व्यक्तिगत खजाना समझ रखा था, यह कहना है उत्तर प्रदेश सरकार में सहकारिता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे पी एस राठौर का।

वह आज एग्रीकल्चर को-आपरेटिव स्टाफ ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में बदलते परिदृश्य में सहकारी बैंकिंग पर आयोजित सेमिनार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ प्रधानमंत्री के अगुवाई में देश तरक्की कर रहा है,वहीं योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास के बहुत से कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने सहकारिता विभाग को बहुत नुकसान पहुंचाया है। यहां पर गलत ढंग से नियुक्तियां की गयी। इतना ही नहीं बैंक को निजी संपत्ति की तरह उपयोग करते थे। लेकिन यहां का पैसा गरीब किसानों का पैसा है।

किसानों ने यह पैसा बड़ी मेहनत से जमा किया है, ऐसे में हमें किसान की एक-एक पाई वापस करनी है। इसी को लेकर हम इस बैठक में मंथन कर रहे हैं, जिससे बैंक की हालत सुधर सके। इस अवसर पर डिस्ट्रीक को-आपरेटिव बैंक के चेयरमैन व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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