बरेली: 168 नहरों से हो रही 70 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई
बरेली, अमृत विचार। जिले की 70 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई 168 नहरों से की जा रही है। इसमें अकेले रुहेलखंड नहर खंड के अधीन 136 नहरें है। इन नहरों के संचालन के लिए अधिकारी लगातार भाग-दौड़ करते रहते हैं, ताकि नहरों की टेल तक पानी पहुंच सके। अंतिम छोर पर बैठे किसान को भी …
बरेली, अमृत विचार। जिले की 70 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई 168 नहरों से की जा रही है। इसमें अकेले रुहेलखंड नहर खंड के अधीन 136 नहरें है। इन नहरों के संचालन के लिए अधिकारी लगातार भाग-दौड़ करते रहते हैं, ताकि नहरों की टेल तक पानी पहुंच सके। अंतिम छोर पर बैठे किसान को भी सिंचाई के लिए नहर का पानी मिल सके।
लगातार महंगे होते डीजल के दामों ने किसानों को परेशान कर रखा है। फसल की बोवाई के अलावा समय-समय पर उन्हें फसल के लिए पानी की आवश्यकता पड़ती है। सरकार द्वारा किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त में पानी उपलब्ध कराया जाता है, ताकि किसान की फसल की लागत मूल्य कम आए।
जिले में 70 हजार हेक्टेयर की भूमि पर होने वाली फसल के लिए नहरों से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। गत दिनों अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार ने सहायक अभियंताओं के साथ बैठकर उन्हें नहरों का हाल जानने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सहायक अभियंताओं ने नहरों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए दौरे शुरू कर दिए हैं।
जिले में होने वाली फसल
गेहूं और गन्ना यहां की मुख्य फसल है। साथ ही किसान उड़द, मूंग, प्याज, आलू, मक्का, सरसों, आलू और मूंगफली को सहफसली के रूप में गन्ने के साथ उगाते हैं। किसानों को इन फसलों के लिए पानी की आवश्यकता होती है। इसकी पूर्ति सिंचाई विभाग द्वारा की जाती है।
टेल तक पहुंचाने का लक्ष्य शत प्रतिशत पूर्ण किया जा रहा है। पिछले माह का लक्ष्य शून्य था, बावजूद 20 टेलफीड कराई गई। प्रयास रहता है कि नहर के अंतिर छोर पर बैठे किसान को भी सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिले।—मुकेश कुमार,अधिशासी अभियंता, रुहेलखंड नहर खंड
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