बांदा: दरोगा ने की कोतवाल की लाठी-डंडों से जमकर पिटाई, इलाके में सनसनी, जानें विवाद की वजह?
बांदा/नरैनी। यूपी पुलिस की माफियाओं को नेस्तनाबूद करने की कवायद के बीच बांदा से बड़ी खबर सामने आयाी है। दरअसल माफियाओं से लड़ने वाली पुलिस खुद भी लड़ने लगी है। ऐसा ही एक मामला बांदा से सामने आया है, जहां थाने के एसएसओ को एक दरोगा ने जमकर पीट डाला। जानकारी के मुताबिक, दोनों की …
बांदा/नरैनी। यूपी पुलिस की माफियाओं को नेस्तनाबूद करने की कवायद के बीच बांदा से बड़ी खबर सामने आयाी है। दरअसल माफियाओं से लड़ने वाली पुलिस खुद भी लड़ने लगी है। ऐसा ही एक मामला बांदा से सामने आया है, जहां थाने के एसएसओ को एक दरोगा ने जमकर पीट डाला। जानकारी के मुताबिक, दोनों की बीच जमकर लाठी-डंडे चले और घटना की जानकारी के बाद मौके पर एसपी अभिनंदन भी पहुंचे। वहीं, पूरे मामले में दरोगा को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश देने की जानकारी मिल रही है।
दरसअल शनिवार को खाकी का अखाड़ा बनी कोतवाली में जब दरोगा ने कोतवाल को डंडों से पीटा तो इलाके में सनसनी मच गई। जानकारी मिलते ही अफसरों ने मोर्चा संभाला और मामले को दबाने का भरसक प्रयास शुरू कर दिया। हालांकि मामला तूल पकड़ता देख दरोगा के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामला छेड़खानी की पीड़िता के पिता का ही चालान करने वाले दारोगा के निलंबन का बताया जाता है। अपर एसपी लक्ष्मीनिवास मिश्रा का कहना है कि दरोगा को गलत कार्रवाई करने पर निलंबित कर दिया गया था, जिससे क्षुब्ध होकर उसने अपने सीनियर अफसर के साथ दुर्व्यवहार किया है।
नरैनी कोतवाली में तैनात दरोगा आशीष पटेिरया ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करके उल्टा छेड़खानी की शिकायत लेकर आए पीड़िता के पिता का चालान करने को लेकर दरोगा पटेरिया और थाना प्रभारी राकेश तिवारी आपस में भिड़ गए और दरोगा ने अपने ही कोतवाल को लात घूंसा और लाठियों से पीट दिया। दरोगा का साफ कहना था कि कोतवाल को उनके हलके में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। कोतवाली को खाकी का अखाड़ा बना देख स्टाफ ने किसी तरह बीच-बचाव कराया।
हालांकि घटना के बाद आरोपित दारोगा आशीष पटेरिया भाग निकला। जानकारी मिलने पर एसपी अभिनंदन भी कोतवाली पहुंचे और मामले की जानकारी ली। जहां एक ओर अपर एसपी लक्ष्मी निवास मिश्र बताते हैं कि दरोगा और कोतवाल के बीच निलंबन के बाद विवाद बढ़ा है वहीं सूत्र बताते हैं कि कोतवाल की धुनाई करने के बाद ही एसपी ने दरोगा पर निलंबन की कार्रवाई की है।
उधर कोतवाल राकेश तिवारी की तहरीर पर दरोगा आशीष पटेरिया के खिलाफ धारा 323, 504, 506 और 452 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और दरोगा पर विभागीय कार्रवाई प्रचलित कर दी गई है। घटना के बाद मौके से भाग रहे दरोगा को गिरवां के पास दबोच लिया गया और हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कोतवाली के एसआई ओमशंकर शुक्ला ने बताया है कि मामले की विवेचना की जिम्मेदारी गिरवां थानाध्यक्ष मनोज शुक्ला को सौंपी गई है।
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