लखीमपुर-खीरी: फूलबेहड़ में मिला शव सिंगहां खुर्द के दीपक का निकला
अमृतविचार, लखीमपुर-खीरी। थाना फूलबेहड़ क्षेत्र में शनिवार को बरामद शव की पहचान हो गयी है। थाना सिंगाही के गांव सिंगहां खुर्द निवासी राजकुमार मिश्रा ने कपड़ों से शव की पहचान पुत्र दीपक के रूप में की है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार वालों को सौंप दिया है। ग्राम सिंग हां खुर्द निवासी दीपक मिश्रा …
अमृतविचार, लखीमपुर-खीरी। थाना फूलबेहड़ क्षेत्र में शनिवार को बरामद शव की पहचान हो गयी है। थाना सिंगाही के गांव सिंगहां खुर्द निवासी राजकुमार मिश्रा ने कपड़ों से शव की पहचान पुत्र दीपक के रूप में की है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार वालों को सौंप दिया है।
ग्राम सिंग हां खुर्द निवासी दीपक मिश्रा की ससुराल थाना फरधान क्षेत्र के गांव बोठा में थी। उसकी साली की शादी चार मा को थी, लेकिन वह 23 अप्रैल को अपनी ससुराल आया था। दीपक के पिता राजकुमार मिश्रा ने बताया कर पुत्र पांच माई को ससुराल से घर आने के लिए निकला था, लेकिन शाम तक घर नहीं पहुंचा। पिता ने देर शाम तक घर न पहुंचने पर ससुराल वालों को फोन किया और जानकारी मांगी।
पिता के मुताबिक परिवार वालों ने उन्हे बताया की अंशुल (साला) दीपक को लखीमपुर स्थित तिकुनियां बस अड्डे पर सुबह करीब 10 बजे छोड़ आया था। आशंकित परिवार वालों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई पता नहीं चला। थाना सिंगाही में गुमशुदगी लिखाई और थाना फरधान पुलिस को भी तहरीर देकर बेटे के साथ अनहोनी की घटना होने की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस ने अनसुनी कर दी।
शनिवार को थाना फूलबेहड़ क्षेत्र में एक शव बरामद हुआ था। शव काफी सड़ा गला था। बताते हैँ की उसके हाथ बंधे थे। सूचना पर पोस्टमार्टम हाउस पहुँचे पिता ने शव की पहचान दीपक के रूप में की है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार वालों को सौंप दिया है।
दीपक की मौत ने खोली स्मार्ट पुलिसिंग की पोल
लखीमपुर खीरी पुलिस कितनी हाईटेक है और कितनी घटना को लेकर सजग है। इसका अंदाजा दीपक की मौत मामले से लगाया जा सकता है। दीपक के गायब होने के दूसरे दिन परिवार वालों ने थाना सिंगाही में गुमशुदगी दर्ज कराई। अगले दिन थाना फरधान पुलिस को तहरीर दी। बेटे की आखिरी लोकेशन और सीडीआर कॉल डीटेल निकालने की मांग की।
पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का भी भरोसा दिया। पीड़ित परिवार फरधान और सिंगाही थाने के चक्कर काटता रहा। खास बात यह है कि नौ दिन में पुलिस की जांच एक कदम नहीं बढ़ी। न ही पुलिस कॉल डिटेल निकलवा सकी। परिवार वालों का कहना है कि यदि पुलिस कॉल डिटेल निकाल लेती और जांच करती तो हो सकता था बेटे की हत्या न होती। कुल मिलाकर इस मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। वहीं पुलिस अधिकारियो के पर्यक्षन् को लेकर भी सवाल उठने लगे हैँ
एएसपी का आदेश फिर भी एसओ ने नही गठित की टीम
मृतक दीपक के परिवार के लोग तीन दिन पहले एएसपी अरुण कुमार सिंह से मिले थे और कार्रवाई की मांग की थी। एएसपी ने मामले को गंभीरता से लिया था और एसओ फरधान को दो टीमें बनाकर कार्रवाई करने और सकुशल बरामदगी के निर्देश दिये थे, लेकिन एएसपी के आदेश का एस ओ पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। पुलिस ने कोई न तो टीम बनाई और न ही कोई जांच की।
मामले की जांच कराई जायेगी। यदि कोई लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी—अरुण कुमार सिंह, एएसपी।
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