अयोध्या: स्टेट सिग्नेचर बिल्डिंग के रूप में बनेगा तुलसी स्मारक भवन, दीवारों पर उकेरे जाएंगे रामायण के विभिन्न प्रसंग
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के साथ – साथ अयोध्या को उसकी आध्यात्मिक संस्कृति के रूप में विकसित करने के लिए एक और बड़ा निर्णय लिया गया है। यहां स्थापित तुलसी स्मारक भवन को स्टेट सिग्नेचर बिल्डिंग के रूप में ढाला जायेगा। इसके लिए उसमें विभिन्न कार्य भी कराए जाएंगे। प्रवेश और निकासी द्वार को अयोध्या …
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के साथ – साथ अयोध्या को उसकी आध्यात्मिक संस्कृति के रूप में विकसित करने के लिए एक और बड़ा निर्णय लिया गया है। यहां स्थापित तुलसी स्मारक भवन को स्टेट सिग्नेचर बिल्डिंग के रूप में ढाला जायेगा। इसके लिए उसमें विभिन्न कार्य भी कराए जाएंगे। प्रवेश और निकासी द्वार को अयोध्या के ही अनुरूप तैयार किया जाएगा। साथ ही दीवारों पर रामायण के विभिन्न प्रसंग भी उकेरे जाएंगे।
डीएम नितिश कुमार ने बताया कार्यदायी संस्था को इस सबंध में आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया तुलसी स्मारक भवन अयोध्या का ऐतिहासिक भवन है। इसी ऐतिहासिकता व महत्व की दृष्टि से आन्तरिक साज-सज्जा व प्रवेश व निकास द्वार को अयोध्या धाम की आस्था, कला एवं संस्कृति के अनुरूप किया जाएगा। पूर्व में भवन की दीवारों पर करायी गई चित्रकारी व टेराकोटा कला के माध्यम से रामायण के विविध प्रसंगों का अंकन पुन: होगा। इससे पहले उन्होंने यहां अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे के पीछे स्थित सांस्कृतिक मंच व मुक्ताकाशी मंच का जायजा भी लिया।
प्रकाश एवं विद्युत की व्यवस्था के लिए निर्देशित किया
सांस्कृतिक मंच में स्थायी ध्वनि, प्रकाश एवं विद्युत की व्यवस्था के लिए निर्देशित किया। प्रेक्षागृह में विद्युत के अभाव में जनरेटर द्वारा राम लीला का मंचन कराये जाने पर नाराजगी जताई और वहां रखे ट्रांसफार्मर को चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रेक्षागृह पर रामायण की थीम पर अलग-अलग शैलियों में चित्रण कराने के निर्देश दिए। बस अड्डे से प्रेक्षागृह को जाने वाली सड़क व अन्य स्थलीय विकास के कार्यों को तेजी से पूरा कराने के निर्देश परियोजना प्रबन्धक को दिए।
अयोध्या शोध संस्थान द्वारा अवगत कराया गया कि अन्तर्राष्ट्रीय राम लीला संकुल परिसर में निर्मित सांस्कृतिक मंच पर गत एक माह से अधिक से राम लीला हो रही है। जिलाधिकारी ने राम लीला मंचन में श्रद्धालुओं एवं दर्शकों की संख्या में वृद्धि किये जाने हेतु व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिये गये। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा मुक्ताकाशी प्रेक्षागृह का निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने लगभग 1500 दर्शकों की क्षमता से युक्त मुक्ताकाशी प्रेक्षागृह के निर्माण में कई स्थलों पर मानक से कम कराये गये कार्यों पर अप्रसन्नता व्यक्त की।
दो शिफ्ट में पर्याप्त मिस्त्री व श्रमिक लगाएं
जिलाधिकारी ने निदेशक, अयोध्या शोध संस्थान व कार्यदायी संस्था यूपीसिडको के सहायक अभियन्ता और अवर अभियन्ता के साथ तुलसी स्मारक भवन के अत्याधुनिकीकरण के कार्यों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्माण इकाई को निर्देशित किया कि वह समस्त कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से एवं निर्धारित समयावधि में कराने हेतु कम से कम 2 शिफ्ट में पर्याप्त संख्या में मिस्त्री एवं श्रमिक लगाये, जिससे कि इस निर्माण कार्य का लाभ आमजन को नियत समय में सुलभ हो सके।
पढ़ें-बाराबंकी: स्टेपनी बदल रहे बोलेरो चालक को पिकअप ने मारी टक्कर, मौत
