बरेली: तहसील सदर के भ्रष्टाचार पर सीसीटीवी कैमरे से वार

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अमृत विचार, बरेली। तहसील सदर में रिश्वत लेकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले कर्मचारियों, आम नागरिकों के साथ अराजक तत्वों के विरुद्ध अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में एफआईआर होगी। तहसीलदार सदर के आवास में अर्दली अबरार अहमद द्वारा 1.80 लाख रुपये की रिश्वत लेकर नोट गिनने व लेखपाल प्रदीप के रिश्वत लेने का मामला सामने …

अमृत विचार, बरेली। तहसील सदर में रिश्वत लेकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले कर्मचारियों, आम नागरिकों के साथ अराजक तत्वों के विरुद्ध अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में एफआईआर होगी। तहसीलदार सदर के आवास में अर्दली अबरार अहमद द्वारा 1.80 लाख रुपये की रिश्वत लेकर नोट गिनने व लेखपाल प्रदीप के रिश्वत लेने का मामला सामने आने के बाद अधिकारी तहसील की छवि को सुधारने में जुट गए हैं।

तहसील के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरों से वार किया जाएगा। तहसील परिसर में अधिकारी-कर्मचारियों की गतिविधियों, कक्षों में बैठकर काम करने वाले कर्मचारियों व परिसर में बिना किसी काम के घूमने वालों की निगरानी करने के लिए 20 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। एक दो दिन में कैमरे लगने का कार्य शुरू हो जाएगा।

इससे वे अराजक तत्व भी पकड़ में आ सकेंगे, जो मीडिया के नाम पर तहसील में घूमकर ग्रामीणों का काम कराने का ठेका लेकर कर्मचारियों से सांठगांठ करते हैं और चंद रुपयों का लालच देकर रुपये देते समय वीडियो बनाकर कर्मचारियों को ब्लैक मेल करने का गोरखधंधा चला रहे हैं। एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र ने सोमवार को तहसील में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि पीड़ित कभी सामने नहीं आते लेकिन रिश्वत देने का कर्मचारी का वीडियो जरूर सामने आ जाता है। ग्रामीणों की मदद के लिए तहसील में हेल्प डेस्क बनेगी। डेस्क पर लेखपाल बैठेंगे, वह समस्या जानकर संबंधित कर्मचारी के पास ही ग्रामीण को भेजेंगे। इस दौरान तहसीलदार सदर अनिल यादव भी मौजूद रहे।

अब लेखपाल सिर्फ सोमवार और गुरुवार को तहसील में बैठेंगे
उप जिलाधिकारी सदर कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि तहसील में लेखपालों के सभी दिन बैठने की व्यवस्था पर भी अंकुश लगाया गया है। अब लेखपाल सप्ताह में सिर्फ दो दिन ही तहसील में बैठेंगे। सोमवार और गुरुवार को। अन्य दिनों में घूमते मिलने पर जवाब तलब किया जाएगा। तहसील परिसर में लेखपालों के जो झोपड़ीनुमा कमरे बने हैं, उन्हें हटाया जाएगा। तहसील में दो बड़े हाल हैं, उन्हीं में पांच-पांच लेखपाल बैठकर अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनकर निराकरण करेंगे। वहां कैमरे की निगरानी में भी रहेंगे।

भ्रष्टाचार के इन मामलों के बाद तहसील में सख्ती
तहसीलदार सदर रहे शेर बहादुर सिंह के अर्दली अबरार अहमद द्वारा 1.80 लाख रुपये की रिश्वत तहसीलदार के सरकारी आवास में ली गई थी। नोटों की गिनती करते हुए अर्दली का वीडियो भी वायरल हुआ। इस प्रकरण में अर्दली को निलंबित करते हुए तहसीलदार शेर बहादुर सिंह को हटा दिया था। इसके साथ तहसीलदार और अर्दली पर भ्रष्टाचार के मामले भी दर्ज हुए थे। यह प्रकरण शांत नहीं हुआ कि शनिवार को लेखपाल प्रदीप का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हो गया था।

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