लखनऊ: एसजीपीजीआई के रीनल ट्रांसप्लांट सेंटर में मरीजों की भर्ती शुरू, किडनी के मरीजों को एक ही छत के नीचे मिलेगी सभी सुविधाएं

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लखनऊ। एसजीपीजीआई के आकस्मिक चिकित्सा एवं गुर्दा प्रत्यारोपण केंद्र की शुरूआत आज से हो गयी। सेंटर शुरू होने के आज पहले दिन मरीज को भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। दरअसल, किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए यह सेंटर काफी राहत देने वाला होगा। बताया जा रहा है कि …

लखनऊ। एसजीपीजीआई के आकस्मिक चिकित्सा एवं गुर्दा प्रत्यारोपण केंद्र की शुरूआत आज से हो गयी। सेंटर शुरू होने के आज पहले दिन मरीज को भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। दरअसल, किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए यह सेंटर काफी राहत देने वाला होगा। बताया जा रहा है कि रीनल ट्रांसप्लांट सेंटर शुरू होने से एसजीपीजीआइ देश का सबसे बड़ा गुर्दा प्रत्यारोपण केंद्र बन गया है। यहां पर 558 बेड है, जिसमें इमरजेंसी , नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग अपना कार्य करेंगे।

जहां पर किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को भर्ती करने और उनके प्रत्यारोपण एवं डायलिसिस की सुविधा एक छत के नीचे उपलब्ध होगी। कहा तो यहां तक जा रहा है कि देश भर में इतनी अधिक बेड संख्या वाला रीनल ट्रांसप्लांट सेंटर कहीं भी नहीं है। इस रीनल ट्रांसप्लांट सेंटर के शुरू होने का फायदा उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड समेत अन्य राज्यों से आने वाले किडनी रोगियों को भी मिलेगा।

आज यानी 17 मई को बड़ा मंगल के अवसर पर पहले मरीज को भर्ती कर विभाग के प्रमुख प्रो. नरायान प्रसाद ने आंशिक रूप से भवन को क्रियाशील कर दिया है । इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. आर के धीमन ने नारियल फोड़ कर और प्रथम देव श्री गणेश व महावीर बजरंगबली को पुष्पार्पण कर औपचारिक शुभारंभ किया । उपस्थित मरीज, तीमारदार और कर्मचारियों के बीच मिष्ठान्न वितरित किया गया।

इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. गौरव अग्रवाल, नेफ्रोलॉजी विभाग के संकाय सदस्यों, रेजीडेंट चिकित्सको के अलावा यूपीआरएनएन के अभियंता सहित संस्थान के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। गौरतलब है कि इमरजेंसी एंड रीनल ट्रांसप्लांट सेन्टर का शिलान्यास 15 अक्बर 2018 को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा किया गया था। भवन को तीन वर्ष के रिकार्ड समय में तैयार किया गया। भवन का लोकार्पण योगी आदित्यनाथ द्वारा 8 जनवरी 2022 को किया गया था।

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