लखीमपुर-खीरी: भ्रष्ट सिस्टम की मार, पोस्टमार्टम हाउस पर लाशों से खेल

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अमृतविचार, लखीमपुर खीरी। यदि आप अपने किसी नजदीकी या परिजनों का शव लेकर पोस्टमार्टम के लिए आ रहे है। या फिर शिनाख्त के लिए, तो अपनी जेब भारी कर के आये। अन्यथा आपको काफी दिक्क़तो का सामना करना पड़ेगा और आप चकरघिन्नी बनकर चक्कर काटते रह जाएंगे। पोस्टमार्टम हाउस पर आने वाली लाशों पर खूब …

अमृतविचार, लखीमपुर खीरी। यदि आप अपने किसी नजदीकी या परिजनों का शव लेकर पोस्टमार्टम के लिए आ रहे है। या फिर शिनाख्त के लिए, तो अपनी जेब भारी कर के आये। अन्यथा आपको काफी दिक्क़तो का सामना करना पड़ेगा और आप चकरघिन्नी बनकर चक्कर काटते रह जाएंगे।

पोस्टमार्टम हाउस पर आने वाली लाशों पर खूब खेल होता है। इस खेल में प्राइवेट एम्बुलेंस चालको से लेकर कर्मचारी भी शामिल होते हें। खासतौर पर यह खेल अज्ञात शवो की पहचान होने पर शुरु होता है। शव दिखाने से लेकर शमशान तक पहुंचाने के लिए पांच टेंक्स वसूले जाते हें।

जिला अस्पताल की मोर्चरी से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक बना सिस्टम का मकड़जाल इस तरह फैला हुआ है कि यहां बेटे, भाई, बहन पिता के शव लेकर आने वाले बदहवास परिजन सौदे बाजी का शिकार हो जाते है। मोर्चरी से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक उन्हें ठगा जाता है। इस पूरे भ्रष्ट सिस्टम मे पोस्टमार्टम के कुछ कर्मचारी भी शामिल है। इन कर्मचारियो ने एम्बुलेंस चालकों के साथ मिलकर वसूली गैंग बना रखा है।

जब कोई शव थाने से पंचायतनामा भरकर सीधे या मोर्चरी से पोस्टमार्टम पहुँचता है तो गैंग मे शामिल एम्बुलेंस चालक सौदेबाजी शुरू कर देते है। यह सौदेबाजी पहले पोस्टमार्टम कराने, रिपोर्ट बदलवाने से लेकर पालीथिन, शव को उठाने से लेकर रखने तक की सौदेबाजी शुरू हो जाती है। भाई, पिता, बेटे आदि परिजनों को खोने वाले पीड़ित पहले से ही बदहवास होते हें।

पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचते ही उनका दर्द और बढ़ जाता है। सबसे अधिक खेल और सौदेबाजी अज्ञात शवों कि शिनाख्त होने पर होती है। मोर्चरी हो या पोस्टमार्टम हाउस। दोनो जगहों पर चाभी से लेकर, सील खोलकर शव दिखाने, दिखाने का भी नजराना वसूला जाता है। यदि आपने मुंह मांगे दाम दे दिये तो आप का काम हो जायेगा।

यदि न नुकुर की या कम ज्यादा की बात कही तो सारे नियम क़ानून आपको पोस्टमार्टम हाउस के कथित दो कर्मचारी बता देंगे। ऐसा ही दीपक मिश्रा की हत्या मामले मे भी सामने आया था। थाना फरधान के बोठा स्थित अपनी ससुराल से थाना सिंगाही के गाव सिंग हां खुर्द के लिए जाते समय पांच तक को वह रहस्यमय ढंग से गायब हो गया पांच थाना फूलबेहड़ पुलिस ने शव शारदा नदी से बरामद कर अज्ञात मे शव सील कर सीधे पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया था।

उसके परिजन जब शाम करीब छह बजे पहुँचे और शव दिखाने की बात कही तो एक युवक सौदेबाजी मे जुट गया। उसने 300 रुपये की मांग रखी तो परिजन 200 रुपये देने के लिए राजी हो गये, जब वह पोस्टमार्टम हाउस के अंदर चाबी लेने गया तो वहा मौजूद दो कथित कर्मचारियो ने 100 रुपये की खातिर चाबी देने से इंकार कर दिया और शव सील होने की बात कहते हुए दिखाने से मना कर तमाम नियम गिना डाले। बाद मे जब मान मनोव्वल की और नजराना दिया तो शव की पहचान करा दी। हालाँकि बाद मे मामले को तूल पकड़ते देख कर्मचारियो ने रुपये लोटा दिये थे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने के नाम पर भी करते है ठगी
संदिग्ध मौत, नदी में मिले अज्ञात शव, संदिग्ध आत्महत्या, बर्न आदि जैसे केस आने पर पर मानो कथित कर्मचारियो और दलालों की नौ गिर जाती है। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर घूमने वाले चालक पोस्टमार्टम रिपोर्ट मन मुताबिक कराने से लेकर शव शमसान घाट तक पहुंचाने का सौदा करते हें। वह शव लेकर पहुंचने वालों को झांसे में लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट मनमाफिक कराने के लिए दो हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक वसूल करते है। सूत्र बताते है कि शाम को ठगी गयी इस रकम को लेकर कथित दो कर्मचारी बंदरबांट कर लेते हें।

बर्फ लगाने के लिये भी देना पड़ता है सुविधा शुल्क
पोस्टमार्टम हाउस का नया भवन बना हुआ है। इस भवन मे काफी समय से पोस्टमार्टम होते हें, लेकिन इधर कई दिनों से पास मे बने पुराने पोस्टमार्टम हाउस मे ही शवो कि चीड़ फाड़ की जाती है। शवो को भी बेक़दरी के साथ यही कमरों मे बंद कर दिया जाता है। इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। यदि परिजन शव पर बर्फ लगाने कि इच्छा जाहिर करता है तो उससे भी चाबी से लेकर बर्फ लगवाने तक का पांच सो रुपये तक सुविधा शुल्क लिया जाता है।

एम्बुलेस का भी चल रहा बड़ा खेल, वसूलते मन माने दाम
पोस्टमार्टम हाउस पर सुबह से ही एम्बुलेंस आकर खड़ी हो जाती हें। यह एम्बुलेंस चालक पहले ही आपस मे तय कर लेते हें किस शव को कितने मे ले जाना है। 60 किलोमीटर शव ले जाने के लिए पांच से आठ हजार रुपये तक कि मांग की जाती है।

मामला अभी मेरे संज्ञान मे आया है। इसकी गोपनीय जांच कराऊंगा, जो भी इसमे लिप्त होगा। उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी—डॉक्टर शैलेन्द्र भटनागर, सीएमओ।

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