लखीमपुर-खीरी में खून से लतपत हो रहीं सड़कें, हर रोज हो रहीं दो से तीन मौतें, फिर भी नहीं चेत रहे चालक
अमृतविचार, लखीमपुर-खीरी। जिले मे साल के 12 महीने यातायात व सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान चलता हैं, लेकिन इसके बाद भी सड़क हादसों मे कोई कमी नहीं आ रही है। बुधवार को ही सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अप्रैल से अब तक 132 लोग जान गाँवा चुके हैं। लखीमपुर खीरी …
अमृतविचार, लखीमपुर-खीरी। जिले मे साल के 12 महीने यातायात व सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान चलता हैं, लेकिन इसके बाद भी सड़क हादसों मे कोई कमी नहीं आ रही है। बुधवार को ही सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अप्रैल से अब तक 132 लोग जान गाँवा चुके हैं।
लखीमपुर खीरी प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है, जिले मे सड़क हादसे लगातार हो रहे है। प्रतिदिन सडके खून से लाल हो रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रदेश मे बढ़ रही हादसों मे मौत को लेकर काफी गंभीर है। यह हादसे अधिकतर ओवरस्पीड, ओवरटेक और रांग साइड चलने से हो रहे हैं।
यातायात नियमों का पालन कराने और लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाती है और यातायात नियमों का उल्लघन करने पर कार्रवाई भी करती है, इसके बाद भी लोग लापरवाही बरत रहे हें। अगर आंकड़ों पर गौर करें तो अप्रैल महीने से अब तक 247 हादसे हुए हैं।
यह आंकड़ा अपने आप मे बेहद चौकाने वाला है। अप्रैल माह से अब तक 132 लोगों की मौत हो चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन दो से तीन लोगों की मौत हो रही है। यह आंकड़ा काफी भयावह है। तमाम प्रयासों के बाद भी सड़क दुर्घटनाओं मे कोई कमी नहीं आ रही है।
मरने वालो में सर्वाधिक युवा शामिल
सड़क हादसों मे मरने वालों मे सर्वाधिक युवा वर्ग शामिल है। 18 से लेकर 45 साल के 96 लोगों की जान जा चुकी है। हादसों मे मरने वाले अधिकतर लोग बाइकों से थे। वह या तो बाइक चला रहे थे या बाइक पर सवार थे। यह सभी हादसे लापरवाही के कारण ही सड़क है। युवाओं की मौत काफी चिंताजनक है।
हेलमेट न होने से तोड़ा जिंदगी से नाता
सड़क हादसों मे मौत की बड़ी वजह हेलमेट न होना सामने आई है। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक सर्वाधिक मौते सिर में गंभीर चोट आने से हुई है। यदि हेलमेट होता तो शायद इनकी जान नहीं जाती। पुलिस हेलमेट ही लेकर लगातार अभियान चलाती है। कार्रवाई भी करती है, लेकिन चालक हेलमेट लगाने मे अपनी तोहिनी समझते हें। यही उनकी जान पर भारी पड़ जाती है और हमेशा के लिए जिंदगी की डोर टूट जाती है।
यातायात नियमों के पालन से मोटो मे आ सकती है कमी
टीएसआई निर्मलजीत यादव ने बताया की यदि वाहन चालक नियमों का पालन करे तो हाद्सो पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है। सर्वाधिक हादसे ओवर टेक और हाई स्पीड व गलत साइड से वाहन चलाने पर होते है। लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई भी की जा रही है।
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