रायबरेली: निरस्त कोटे की जांच करने पहुंचे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के सामने जमकर हुई मारपीट

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रायबरेली। दो साल पहले निरस्त हुई सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान को लेकर जांच करने पहुंचे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के सामने जमकर तांडव हुआ है। करीब आधा घंटे तक मारपीट होती रही और अधिकारी असहाय अवस्था में खड़े रहे। मामला सलोन तहसील क्षेत्र के गांव बिसैया का है। इस गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान …

रायबरेली। दो साल पहले निरस्त हुई सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान को लेकर जांच करने पहुंचे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के सामने जमकर तांडव हुआ है। करीब आधा घंटे तक मारपीट होती रही और अधिकारी असहाय अवस्था में खड़े रहे। मामला सलोन तहसील क्षेत्र के गांव बिसैया का है।

इस गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान को शिकायतों के कारण करीब दो साल पहले निरस्त कर दिया गया था। उसके बाद यह मामला मंडलायुक्त न्यायालय में पहुंचा था । प्रकरण अभी भी मंडलायुक्त न्यायालय में विचाराधीन है। इस बिना न्यायालय ने पुनः जांच के आदेश दिए । इसी क्रम में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सुभाष यादव गुरुवार की शाम को गांव में जांच करने गए थे।

मजिस्ट्रेट के सामने निरस्त कोटे के दुकानदार से कुछ लोगों की बहस होने लगी और फिर यह बहस मारपीट में तब्दील हो गई। अधिकारियों के सामने पूर्व कोटेदार को दौड़ा दौड़ा कर जमकर पीटा गया । करीब आधा घंटा तक तांडव चलता रहा । इस बीच अधिकारी किंकर्तव्य विमूढ की अवस्था में खड़े रहे।

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