कानपुर: राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख की तस्वीर बदलने में जुटा प्रशासन

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कानपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अपने गृह जिले कानपुर देहात के संभावित दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन परौंख गांव का कायाकल्प करने में दिन रात एक किये हुये है। परौंख राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का पैतृक गांव है जहां रामनाथ कोविंद 3 जून को आ सकते हैं हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गयी है। …

कानपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अपने गृह जिले कानपुर देहात के संभावित दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन परौंख गांव का कायाकल्प करने में दिन रात एक किये हुये है।

परौंख राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का पैतृक गांव है जहां रामनाथ कोविंद 3 जून को आ सकते हैं हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गयी है। जिला प्रशासन रात दिन एक कर परौख गांव के कायाकल्प व अधूरे कामों को पूरा करने में जुटा है।

अधिकारियों की देखरेख में मंगलपुर से डेरापुर मार्ग पर सड़क किनारे सफाई कराई जा रही है और पेड़ों की भी रंगाई पुताई कराई जा रही है। परौंख की ओर जाने वाली दोनों पक्की सड़कों के किनारे सफाई का काम तेजी से चल रहा है। गांव की गलियों में गिट्टी डालकर सीसी रोड बनाए जा रहे है। 69 गलियों में कार्य तेजी से हो रहा है।

राष्ट्रपति के पैतृक गांव में पड़ने वाले सेंगरहा व बंदी तालाब को अमृत सरोवर बनाने के लिए जेसीबी व पोकलैंड से खुदाई कराई जा रही है। तालाबों के स्वरूप को बदलने को लेकर रात दिन काम चल रहा है आसपास हरे भरे पेड़ लगाए जा रहे हैं और तालाबों के पास में टहलने की व्यवस्था भी की जा रही है जिससे कि ग्रामीण आराम से सुबह व शाम टहल भी सकें।

वहीं, सरकारी भवनों की दीवारों पर स्लोगन व स्वच्छता अभियान से संबंधित पेंटिंग की जा रही है। इस के साथ राष्ट्रपति के दान किए गए घर (मिलन केंद्र) का भी रंगरोगन किया जा रहा है।

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