बरेली: चार बिल्डरों से 48.35 लाख रुपये की वसूली करने के फिर आदेश
अमृत विचार, बरेली। रियल एस्टेट सेक्टर पर नियंत्रण और निगरानी रखने वाली संस्था रेरा (उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण) ने शहर के चार बिल्डरों से जुर्माने की धनराशि वसूल कराने के आदेश दिए हैं। रेरा के सचिव राजेश कुमार त्यागी की ओर से जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी को पत्र भेजा गया है। जिसमें बताया गया है …
अमृत विचार, बरेली। रियल एस्टेट सेक्टर पर नियंत्रण और निगरानी रखने वाली संस्था रेरा (उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण) ने शहर के चार बिल्डरों से जुर्माने की धनराशि वसूल कराने के आदेश दिए हैं। रेरा के सचिव राजेश कुमार त्यागी की ओर से जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी को पत्र भेजा गया है। जिसमें बताया गया है कि नाइन प्लैनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर, हॉरिजॉन डेवलपिंग प्राइवेट लिमिटेड, एलाइंस बिल्डर्स एंड कान्ट्रेक्टर लिमिटेड और प्रिसियस बिल्डटेक के विरुद्ध कॉलोनियों में सुविधाएं न देने, ग्राहकों को समय से कब्जा न देने समेत अन्य मामले की शिकायतों पर 89.37 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जुर्माना न जमा करने पर बिल्डरों के विरुद्ध वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) जारी की गई। इसके बाद चारों बिल्डरों ने 41 लाख रुपये जमा भी किए, लेकिन अभी तक 48.35 लाख रुपये की रकम जमा नहीं की है। सचिव ने डीएम को जारी किए पत्र में कहा है कि शिकायतकर्ताओं द्वारा देय धनराशि की वसूली वापस न होने के कारण उप्र रेरा सहित अन्य प्राधिकरणों से लगातार शिकायत की जा रही हैं। बिल्डरों से धनराशि की वसूली कराकर यूपी रेरा को उपलब्ध कराएं। सचिव के पत्र का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने एडीएम वित्त एवं राजस्व को वसूली कराने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतों पर बिल्डरों के विरुद्ध रेरा ने डाला था 89.37 लाख रुपये का जुर्माना
रेरा के सचिव राजेश कुमार त्यागी ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि नाइन प्लैनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध संजीव कुमार गुप्ता ने शिकायत की। इस पर 6 जून 2019 को 7 लाख 60 हजार 818 रुपये की आरसी काटी गई। इसमें बिल्डर ने 5 लाख 13 हजार 500 रुपये जमा भी कर दिए। इसी बिल्डर के विरुद्ध निशांक ने शिकायत की। इसमें 23 जनवरी 2019 को 11 लाख 66 हजार 181 रुपये की दूसरी आरसी काटी गई। इसमें 7 लाख 17 हजार 500 रुपये जमा किए थे।
हॉरिजॉन डेवलपिंग प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध प्रभाकर सक्सेना ने शिकायत की। इस पर 28 अगस्त 2020 को 20 लाख 67 हजार 758 रुपये की आरसी काटी गई। इसमें बिल्डर ने 15 लाख 50 हजार रुपये जमा कर दिए थे। एलाइंस बिल्डर्स एंड कान्ट्रेक्टर लिमिटेड के विरुद्ध नवीन अग्रवाल ने शिकायत की। तब 13 नवंबर 2020 को 3 लाख 97 हजार 571 रुपये की आरसी काटी। इसमें 2 लाख 21 हजार रुपये जमा हुए थे। जबकि प्रिसियस बिल्डटेक के विरुद्ध अमित सेठ ने शिकायत की। इसमें 7 अगस्त 2021 को 45 लाख 45 हजार 211 रुपये की आरसी काटी गई। इसमें बिल्डर द्वारा 11 लाख रुपये जमा किए जा चुके हैं।
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