Quad Summit 2022 : रूस-चीन पर दवाब, जानें पीएम मोदी-जो बाइडेन समेत किस नेता ने क्या कहा

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टोक्यो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलिया के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीस ने मंगलवार को यहां क्वाड नेताओं की सामने-सामने हुई दूसरी बैठक में हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के विकास तथा आपसी हित के वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। Met top business …

टोक्यो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलिया के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीस ने मंगलवार को यहां क्वाड नेताओं की सामने-सामने हुई दूसरी बैठक में हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के विकास तथा आपसी हित के वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार  को क्वाड नेताओं की इस बैठक को संबोधित करते हुए यूक्रेन पर आक्रमण करने के लिए रूस पर निशाना साधा और कहा कि वह एक संस्कृति को समाप्त करने की कोशिश कर रहा है। जो बाइडेन ने कहा कि चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) ‘‘केवल कुछ देर के लिए शुरू की गई पहल नहीं है, बल्कि इसका मकसद कई महत्वपूर्ण काम करना है।’’ बाइडेन ने कहा कि समूह के चार नेता हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए काम करने के मकसद से यहां आए हैं और वे मिलकर जो कोशिश कर रहे हैं, उन्हें उस पर गर्व है।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्वाड शिखर वार्ता में कहा कि क्वाड देशों के बीच आपसी विश्वास और दृढ़ संकल्प न सिर्फ लोकतांत्रिक ताकतों को नई ऊर्जा दे रहा है, बल्कि एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थापना को प्रोत्साहित भी कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि क्वाड हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक रचनात्मक एजेंडे के साथ आगे बढ़ रहा है, जो वैश्विक ‘‘कल्याण की दिशा में काम करने वाली एक ताकत’’ के रूप में उसकी छवि को और मजबूत बनाएगा।

शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में दिए अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि क्वाड ने बेहद कम समय में वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा, “हमने टीका वितरण, जलवायु कार्रवाई, आपूर्ति श्रृंखला को लचीला बनाने, आपदा प्रतिक्रिया, आर्थिक सहयोग और कोविड-19 महामारी से उत्पन्न प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने की दिशा में समन्वय बढ़ाया है।” मोदी ने कहा कि क्वाड देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता की स्थापना में योगदान दे रहा है।

राष्ट्रपति बाइडेन ने क्वाड शिखर सम्मेलन में मोदी का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘आपसे दोबारा आमने-सामने मिलकर खुशी हुई।’’ बाइडेन ने शिखर सम्मेलन में कहा, ‘‘हमारा ऐसा मुक्त एवं खुला हिंद-प्रशांत सुनिश्चित करने का साझा लक्ष्य है, जो अधिक समृद्ध होगा और हमारे सभी सदस्यों के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा। मैं समावेशी विकास एवं साझा समृद्धि हासिल करने के लिए आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और आप सभी के साथ मिलकर काम करते रहने का इच्छुक हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने दिखा दिया है कि क्वाड केवल कुछ देर के लिए शुरू की गई पहल नहीं है, बल्कि इसका मकसद कई महत्वपूर्ण काम करना है। हम यहां क्षेत्र के लिए काम करने आए हैं और हम मिलकर जो कर रहे हैं, मुझे उस पर गर्व है। मैं, हमारी महत्वपूर्ण साझेदारी को आने वाले कई वर्षों में फलते-फूलते देखना चाहता हूं।’’

बाइडेन ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक संस्कृति को समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के खिलाफ रूस का युद्ध एक यूरोपीय मसले से कहीं अधिक है, यह एक वैश्विक मसला है। बाइडेन ने गेहूं के सबसे बड़े निर्यातकों में शामिल यूक्रेन पर रूस के हमले के मद्देनजर वैश्विक खाद्य सुरक्षा के मामले पर कहा कि रूस द्वारा यूक्रेन को अपने अनाज के निर्यात से रोके जाने से वैश्विक खाद्य संकट और गहरा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘रूस यूक्रेन के खिलाफ जब तक युद्ध जारी रखेगा, अमेरिका तब तक अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करता रहेगा।’’

इस बीच, अल्बानीस ने क्वाड शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार क्वाड देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। अल्बानीस ने ऑस्ट्रेलिया के 31वें प्रधानमंत्री के रूप में सोमवार को शपथ ग्रहण की थी। पहली बार इस शिखर वार्ता में हिस्सा लेने पहुंचे अल्बानीस का यहां मंगलवार को क्वाड नेताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री पद का चुनाव जीतने के बाद लंबी दूरी की उड़ान भरकर यहां आने के लिए बाइडन ने अल्बानीस की सराहना की और मजाक करते हुए कहा, ‘‘अगर आप यहां सो भी जाएं, तो कोई बात नहीं।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने अल्बानीस को चुनावी जीत की बधाई दी और कहा, ‘‘शपथ ग्रहण के 24 घंटे बाद आपकी हमारे बीच मौजूदगी क्वाड की मित्रता की ताकत और इसके लिए आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।’’

अल्बानीस ने शिखर वार्ता में कहा, ‘‘मेरी सरकार अधिक लचीले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थापना को प्राथमिकता देती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नई ऑस्ट्रेलिया सरकार जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई करने और आर्थिक, साइबर, ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण सुरक्षा आदि के जरिए अधिक लचीले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण को प्राथमिकता देती है।”

शिखर सम्मेलन से पहले यहां सभी क्वाड नेताओं का स्वागत करने वाले जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर में निहित सिद्धांतों को चुनौती दी है। यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है । यह सम्मेलन ऐसे समय में भी आयोजित हो रहा है, जब चीन और क्वाड सदस्य देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। इसकी वजह बीजिंग का लोकतांत्रिक मूल्यों को लगातार चुनौती देना और आक्रामक व्यापारिक नीतियां अपनाना है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों की पृष्ठभूमि में, भारत, अमेरिका और विश्व की कई अन्य शक्तियां स्वतंत्र, खुला एवं संपन्न हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दे रही हैं। बाइडन ने शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर सोमवार को ‘समृद्धि के लिए हिंद-प्रशांत आर्थिक प्रारूप’ (आईपीईएफ) की शुरुआत की, जिसका मकसद स्वच्छ ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला को लचीला बनाने में और डिजिटल व्यापार जैसे क्षेत्रों में समान विचारधारा वाले देशों के बीच गहन सहयोग को बढ़ावा देना है।

 

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