पीलीभीत: कहीं करीबियों में तो नहीं छिपा मौत का रहस्य!

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पीलीभीत, अमृत विचार। सर्राफा व्यापारी पवन गोयल की हत्या के मामले में पांच दिन के भीतर पुलिस ने सुराग तो कई जुटा लिए, लेकिन वर्कआउट तक पहुंच नहीं सकी है। आत्महत्या और हत्या के बीच उलझने के बाद मामला अधर में लटका हुआ है। अभी तक की छानबीन में किसी तरह की रंजिश या फिर हत्या …

पीलीभीत, अमृत विचार। सर्राफा व्यापारी पवन गोयल की हत्या के मामले में पांच दिन के भीतर पुलिस ने सुराग तो कई जुटा लिए, लेकिन वर्कआउट तक पहुंच नहीं सकी है। आत्महत्या और हत्या के बीच उलझने के बाद मामला अधर में लटका हुआ है। अभी तक की छानबीन में किसी तरह की रंजिश या फिर हत्या से जुड़ा साक्ष्य निकलकर सामने नहीं आ सका। परिवार वालों से संपर्क साधने के बाद भी कोई इनपुट नहीं मिल सका है। ऐसे में अब करीबियों को लेकर भी पड़ताल चल रही है। सवाल यह है कि कहीं रहस्य करीबियों में ही तो नहीं छिपा?

शहर के मोहल्ला आसफजान निवासी अरुण गोयल के भाई सर्राफा व्यापारी पवन गोयल का शव बृहस्पतिवार रात को टनकपुर हाईवे पर कचहरी के आगे अपनी ही कार में मिला था। उनके गोली लगी हुई थी। परिवार वालों ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। जिसके बाद पुलिस की टीमें सुरगारसी में जुट गई। अधिकारी खुद मानिटरिंग करने में जुट गए। मगर, इस मामले में जो साक्ष्य निकलकर सामने आए उससे पुलिस को खुदकुशी की ओर इशारा हुआ। जिसके बाद हत्या और आत्महत्या को लेकर मामला फंसता चला गया और कार्रवाई को रफ्तार नहीं मिल सकी।

सीडीआर का गहनता से अध्यन करने के साथ ही पुलिस ने जुटाए साक्ष्यों को फारेंसिंक जांच के लिए भेज रखा है। एक सप्ताह का समय पूरा होने को है। मगर, अभी तक बहुचर्चित वारदात को खुलासा नहीं हो सका है। हत्या हुई या फिर आत्महत्या की गई। दोनों में ही वजह का होना जरूरी है। मगर, दोनों को लेकर ही वजह निकलकर सामने नहीं आ सकी है। ऐसे में करीबियों को लेकर भी पड़ताल चल रही है। फिलहाल पांच दिन बाद भी पुलिस इस वारदात में किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।

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