बाराबंकी: मिट्टी से लदे डंपर से कुचलकर मां-बेटे की दर्दनाक मौत, पति गंभीर
बाराबंकी। जिले के कोठी थाना क्षेत्र में खनन कर मिट्टी ले जा रहे एक डंपर से कुचलकर मोटरसाइकिल से अपने पति के साथ जा रही महिला और उसके बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। महिला का पति गंभीर रूप से जख्मी है। जिसे इलाज के लिए ले जाया गया है। हादसा इतना दर्दनाक था कि …
बाराबंकी। जिले के कोठी थाना क्षेत्र में खनन कर मिट्टी ले जा रहे एक डंपर से कुचलकर मोटरसाइकिल से अपने पति के साथ जा रही महिला और उसके बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। महिला का पति गंभीर रूप से जख्मी है। जिसे इलाज के लिए ले जाया गया है। हादसा इतना दर्दनाक था कि बच्चे का शव और महिला का एक पैर पूरी तरह से पिस गया है। इस घटना से आक्रोशित भीड़ को शांत कराने के लिए दो थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। असंद्रा थाना क्षेत्र के पूरब बेलांव गांव के पास लगभग 10 दिनों से पीले बालू का खनन कर डंफरो द्वारा बाराबंकी, लखनऊ व अन्य स्थानों पर ले जाया जाता है।
शुक्रवार को कोठी कस्बे के कारीकपुरवा मोड़ के पास सादुल्लापुर निवासी मानवेंद्र कुमार पुत्र मुन्नालाल अपनी पत्नी मीना और 8 माह के पुत्र आयुष को लेकर कोठी चौराहे पर दवा लेने आया था। वापस घर जा रहा था तभी थाने के चंद कदमों की दूरी पर कारीकपुरवा मोड के पास पीछे से आ रहे डंफर की चपेट में आ गया जिससे उसकी पत्नी मीना कुमारी 27 वर्ष तथा 8 माह के मासूम पुत्र आयुष की घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मानवेंद्र गंभीर रूप से जख्मी हो गया। घटना के बाद डंफर चालक डंफर को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया।
स्थानीय लोगों ने घायल मानवेद्र को इलाज के लिए सीएचसी कोठी पहुंचाया और इसकी सूचना पुलिस को दी । मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन डंफर में फंसे शव को निकलवाया और बिना सील किए ही मां बेटे के शव को पीएम के लिए भेज दिया। इसकी सूचना परिजनों को भी नहीं दी। जिससे ग्रामीण व परिजन आक्रोशित हो गए। धीरे-धीरे भीड़ काफी बढ़ने लगी। वहां मौजूद भीड़ को उग्र होते देख कोठी पुलिस के साथ साथ असंद्रा थाने के पुलिस को भी घटनास्थल पर बुला लिया गया।
घटनास्थल पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी सदर नवीन कुमार सिंह ने परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर किसी तरह शांत किया पुलिस अपनी गाड़ी से परिजनों को लेकर पीएम हाउस चली गई। डंफर चालक और खनन लाइसेंसी पुलिस पकड़ से बाहर हैं। क्षेत्रीय पुलिस का कहना है कि उनकी तलाश की जा रही है।
लखनऊ के एक व्यक्ति के नाम है खनन लाइसेंस
जिस डंफर से मिट्टी खनन कर ले जाया जा रहा था वह बाराबंकी के ही एक खनन माफिया की है। लेकिन खाना उनका लाइसेंस लखनऊ के महानगर रहीम नगर के शालीमार ग्लैंड में रहने वाले राजेश रस्तोगी के नाम है। मिट्टी का खनन काफी दिनों से इस रोड पर चल रहा है। पुलिस के मुताबिक संबंधित व्यक्ति के नाम प्राइवेट बिक्री के लिए खनन का लाइसेंस है।
पहले ही क्षेत्रीय लोगों ने जताई थी दुर्घटना की आशंका
क्षेत्रीय लोगों ने पहले ही मौखिक रूप से पुलिस से मिलकर यह आशंका जताई थी बालू खनन करने वाले गम भरे की रफ्तार इतनी तेज होती है कि कभी भी कोई दुर्घटना घट सकती है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि शुक्रवार को जिस समय घटना घटी डंफर की रफ्तार बहुत तेज थी। यही कारण था कि मोटरसाइकिल से जा रहे दंपत्ति पिछली पहिया की चपेट में आ गए। दुर्घटना को लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
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