लखनऊ: ग्रेजुएट डाक्टरों का इंटर्नशिप भत्ता बढ़ाए जाने की उठ रही थी मांग, पशु चिकित्सा परिषद ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा परिषद ने ग्रेजुएट डाक्टरों का इंटर्नशिप भत्ता बढ़ाये जाने, झोलाछाप पशु चिकित्सकों पर अंकुश लगाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा दिया है। इसके अलावा पशु चिकित्सा कोर्स को यूपी कम्बाइन्ड प्री वेटनरी टेस्ट के माध्यम से कराये जाने की बात की जा रही है। इस बात की जानकारी …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा परिषद ने ग्रेजुएट डाक्टरों का इंटर्नशिप भत्ता बढ़ाये जाने, झोलाछाप पशु चिकित्सकों पर अंकुश लगाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा दिया है। इसके अलावा पशु चिकित्सा कोर्स को यूपी कम्बाइन्ड प्री वेटनरी टेस्ट के माध्यम से कराये जाने की बात की जा रही है। इस बात की जानकारी उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार डॉ.ए.के.श्रीवास्तव ने दी है।
दरअसल, बीते दिनों बरेली जनपद के केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान में उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा परिषद की एक सामान्य बैठक भी की गयी थी । जिसमे चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डी.सी. वर्मा, चिकित्सा परिषद रजिस्ट्रार डॉ.ए.के. श्रीवास्तव समेत परिषद के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे, इस बैठक में सदस्यों के सुझाव से ही परिषद को ओर प्रभावी बनाने खाका तैयार किया गया है।
झोलाछाप पशु चिकित्सको पर अंकुश लगाने
उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार ए.के.श्रीवास्तव ने बताया कि झोलाछाप पशु चिकित्सको पर अंकुश लगाने , ग्रेजुएट पशु चिकित्सकों के इंटर्नशिप भत्ते को 4 हज़ार से बढ़ाकर 15 हज़ार कराये जाने का फैसला लिया गया , इसके अलावा पशु चिकित्सा कोर्स को यूपी कम्बाइन्ड प्री वेटनरी टेस्ट के माध्यम से कराये जाने की बात हुयी है,इससे अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षाएं नहीं देनी पड़ेगी, साथ ही अलग-अलग फीस और काउंसलिंग से भी बचा जा सकेग ।
उन्होंने बताया कि इन तीनों विषयों पर शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। सहमति मिलते ही इसे लागू कर दिया जायेगा । उन्होंने बताया कि इस बैठक में प्रदेश के पशु चिकित्सक को केंद्र सरकार की तरह सभी सुविधाएँ दिये जाने पर बल दिया गया, परिषद के रजिस्ट्रार डॉ.ए.के.श्रीवास्तव ने बताया कि परिषद एक्ट पूरे भारत में लागू है, जिसके तहत सभी पशुचिकित्सा महाविद्यालय में सिलेबस एक ही तरह का होता है, एक ही तरह प्रशिक्षण दिया जाता है परिषद् द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि प्रदेश के पशु चिकित्सक को भी एनपीए समेत अन्य भत्ते केंद्र सरकार में तैनात पशु चिकित्सकों के सामान मिलनी चाहिए।
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