अयोध्या में लगा लोकतंत्र सेनानियों का जमावड़ा, अपातकाल के दिन याद कर तत्कालीन सरकार को कोसा
अयोध्या। लोकतंत्र सेनानी कल्याण परिषद की ओर से रविवार को यहां गोलाघाट स्थित जनता अवध इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार व हरियाणा से काफी संख्या में पहुंचे लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय …
अयोध्या। लोकतंत्र सेनानी कल्याण परिषद की ओर से रविवार को यहां गोलाघाट स्थित जनता अवध इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार व हरियाणा से काफी संख्या में पहुंचे लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बतौर मुख्य अतिथि सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने आह्वान किया कि हम सब लोग सौभाग्यशाली हैं कि जिस पुनीत कार्य के लिए लंबे काल से संघर्ष किया वह आज मूर्त रूप ले रहा है। इस दौरान उन्होंने सभी से रामलला का दर्शन करने की अपील की।
चंपत राय ने 1975 में लगे आपातकाल की विस्तार से चर्चा की। पुरानी यादों को ताजा करते हुए उन्होंने कहा कि किस प्रकार सत्ता पर काबिज रहने की गरज से तत्कालीन प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र की हत्या कर तानाशाही का राज स्थापित कर दिया था। देश के कुछ बहादुर लोग तानाशाही के विरुद्ध और लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष करते हुए लंबे समय तक जेल की दीवारों में कैद रहे। उन्होंने याद दिलाया कि आपातकाल के समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ ही कई अन्य संगठनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। ट्रस्ट के महासचिव ने अपील की कि हमको हर शहर या क्षेत्र में इस बात पर निगाह रखनी चाहिए कि हमारे मौलिक अधिकारों का कहीं हनन तो नहीं हो रहा है।
रक्षक सेनानी का नाम, मान और सम्मान दिया
लोकतंत्र सेनानी प्रदेश महासचिव वीरेंद्र कुमार अटल ने याद दिलाया कि वर्ष 2006 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने आपातकाल के योद्धाओं को लोकतंत्र रक्षक सेनानी का नाम, मान और सम्मान दिया। वर्ष 2007 में प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों की सुविधाओं को बंद कर दिया। परिणाम स्वरूप लोकतंत्र सेनानी हाईकोर्ट में पहुंच गए, जिसका निर्णय 2012 में आया। प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 3 हजार से सम्मान राशि शुरू कर वर्ष 2016 में 15 हजार कर दी। इसी के साथ विधानसभा और विधान परिषद में प्रस्ताव पारित कर अधिनियम बना दिया।
सम्मेलन की अध्यक्षता आचार्य देवेंद्र चेतन ने की। नारायण राय, राज किशोर मिश्रा, डॉ. रमाशंकर, महावीर सिंह व जगन्नाथ शाह सहित विभिन्न वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व अयोध्या के लोकतंत्र सेनानियों ने मुख्य अतिथि अध्यक्ष और मुख्य वक्ता वीरेंद्र कुमार अटल का सम्मान किया। सम्मेलन का संचालन रमेश राघव ने किया।
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