बाराबंकी: छोटी हनुमानगढ़ी के मामले में कोतवाल के निलंबन पर अड़े हिंदू संगठन, मंत्री बोले- बात हो गई है…कार्रवाई होगी
रामसनेहीघाट/बाराबंकी। जिले के भिटरिया चौराहा पर स्थित छोटी हनुमान गढ़ी पर चल रही आरती को बीच में रुकवाना क्षेत्रीय कोतवाल के लिए भारी पड़ सकता है। हिंदू संगठन कोतवाल के निलंबन की मांग पर अड़े हुए हैं। नाराज हिंदू संगठनों को मनाने के लिए क्षेत्रीय विधायक राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा भी रविवार की शाम …
रामसनेहीघाट/बाराबंकी। जिले के भिटरिया चौराहा पर स्थित छोटी हनुमान गढ़ी पर चल रही आरती को बीच में रुकवाना क्षेत्रीय कोतवाल के लिए भारी पड़ सकता है। हिंदू संगठन कोतवाल के निलंबन की मांग पर अड़े हुए हैं। नाराज हिंदू संगठनों को मनाने के लिए क्षेत्रीय विधायक राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा भी रविवार की शाम यहां पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से वार्ता की। बैठक के बाद कहा बात हो गई है कार्रवाई होगी?
क्षेत्रीय कोतवाल ने शुक्रवार को दल बल के साथ छोटी हनुमानगढ़ी पर चल रही आरती को रुकवा कर पुजारी को बीच में ही मंदिर से नीचे उतार लिया था। उप जिला अधिकारी की अनुमति के बावजूद उन्होंने यहां होने जा रही श्रीराम कथा को बंद करवा दिया था।सामूहिक विवाह के आयोजन पर रोक लगा दी थी। कथा व्यास गद्दी को हटवा दिया था। इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया।
रविवार को मंदिर समिति के साथ विश्व हिंदू परिषद ,हिन्दू युवा वाहनी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने उप जिलाधिकारी से मिलकर कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिस पर उपजिलाधिकारी ने आयोजकों से कहा कि वे सामूहिक विवाह का कार्यक्रम करवा सकते हैं। आयोजक बिना कोतवाल के निलंबन किए सामूहिक विवाह के आयोजन पर भी राजी नहीं हुए।
मौके पर पहुंचे एमएलसी अंगद सिंह से भी क्षेत्रीय लोगों ने आक्रोश जताया। एमएलसी ने लोगों को आश्वस्त किया कि वह इस मामले को सदन में रखेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। इस घटना की जानकारी मिलते ही रविवार की देर शाम राज्य मंत्री सतीश शर्मा यहां पहुंचे। उन्होंने उप जिलाधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक से बंद कमरे में बात की।
मंदिर कमेटी तथा हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों से भी उन्होंने मंत्रणा की। पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कहा कि बात हो गई है कार्रवाई होगी। इसके बाद वे चले गए। उधर मंदिर के पुजारी ने चेतावनी दी है कि जब तक कोतवाल को निलंबित नहीं किया जाता वह किसी भी राजनेता को मंदिर की सीढ़ियों पर नहीं चढ़ने देंगे। अयोध्या के कथावाचकों ने भी वीडियो संदेश भेज कर छोटी हनुमानगढ़ी में पुलिस कृत्य की कड़ी आलोचना की है। तथा कहा है कि ऐसा कृत्य तो पाकिस्तान में यदि आरती हो रही होती तो वहां की पुलिस नहीं कर सकती थी।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन यहां 12 वर्षों से अनवरत हो रहा है। इस बार भी उप जिला अधिकारी की अनुमति लेकर श्री राम कथा के साथ साथ 33 कन्याओं का सामूहिक विवाह रखा गया था। पुलिस द्वारा रोक लगाए जाने के बाद इन 35 जोड़ों के अरमानों पर पानी फिर गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आसपास आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठान को भी लोगों ने स्वता रोक दिया है हिंदू संगठनों के आक्रामक रुख के बाद अब प्रशासन बैकफुट पर भी आता दिखाई दे रहा है। और समिति के पदाधिकारियों की मनुहार करने में लगा हालांकि मंदिर के पुजारी भैरव बाबा ने दो टूक शब्दों में कह दिया है की जब तक इस मामले का निराकरण नहीं होगा वह मंदिर पर किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को चढ़ने नहीं देंगे।
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