बरेली: पॉश मशीन से भी ओवररेटिंग-नकली शराब की बिक्री पर अंकुश लगाना चुनौती
अमृत विचार बरेली। ओवररेटिंग और नकली शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने के साथ एक-एक बोतल का हिसाब रखने के लिए शराब दुकानों में पॉश मशीनें आवंटित की गई हैं। आबकारी विभाग बरेली जनपद की अंग्रेजी, देसी, बीयर आदि 599 शराब दुकानों पर भी मशीनें पहुंचाने का दावा कर रहा है लेकिन शराब की ज्यादा …
अमृत विचार बरेली। ओवररेटिंग और नकली शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने के साथ एक-एक बोतल का हिसाब रखने के लिए शराब दुकानों में पॉश मशीनें आवंटित की गई हैं। आबकारी विभाग बरेली जनपद की अंग्रेजी, देसी, बीयर आदि 599 शराब दुकानों पर भी मशीनें पहुंचाने का दावा कर रहा है लेकिन शराब की ज्यादा बिक्री वाली दुकानों पर पॉश मशीन से शराब नहीं बेची जा रही है।
एक दुकान में चार से पांच सेल्समैन कैसे एक पॉश मशीन से शराब बेच सकते हैं। इस ओर अभी तक अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया है। इस कारण पॉश मशीन से बोतल पर दर्ज बार कोड स्कैन करके दुकान में किस ब्रांड की शराब कितनी मात्रा में उपलब्ध है और स्टॉक पर ऑनलाइन नजर रखने की राज्य सरकार की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है।
पूर्णता पॉश मशीन से शराब बिकवाना चुनौती भी बना है। कई शिकायतें आने के बाद पॉश मशीन से शराब बेचने का उद्देश्य पूरा करने के लिए ज्यादा बिक्री की दुकानें चिह्नित की जा रही हैं, जिससे वहां अतिरिक्त पॉश मशीनें उपलब्ध कराई जा सकें। आबकारी विभाग ने करीब 35 हजार रुपये कीमत की पॉश मशीन प्रत्येक शराब दुकान पर उपलब्ध कराई है। मशीनें निशुल्क दी गई हैं। दुकानों पर जाकर विशेषज्ञ सेल्समैन को पॉश मशीन संचालित करने का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
सवाल यह उठ रहा है कि नगर निगम सीमा क्षेत्र के शराब दुकानों के सेल्समैन ज्यादा सक्रिय रहते हैं, लेकिन कस्बा क्षेत्रों में देसी ठेकों के सेल्समैन सक्रिय नहीं रहते हैं। इधर, जिला आबकारी अधिकारी देव नारायण दुबे का कहना है कि सभी दुकानों पर पॉश मशीनें रखवा दी हैं। जिन दुकानों पर ज्यादा बिक्री है, उन दुकानों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं ताकि वहां पर अतिरिक्त पॉश मशीन उपलब्ध कराई जा सके।
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