सीएम गहलोत खुद ‘एलिफेंट ट्रेडिंग’ में माहिर- राजेंद्र राठौड़

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जयपुर। भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आरोप पर पलटवार करते हुए राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने बुधवार को कहा कि गहलोत खुद ‘एलिफेंट ट्रेडिंग’ में माहिर हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए गहलोत बहुजन समाज पार्टी के विधायकों को दो बार कांग्रेस …

जयपुर। भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आरोप पर पलटवार करते हुए राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने बुधवार को कहा कि गहलोत खुद ‘एलिफेंट ट्रेडिंग’ में माहिर हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए गहलोत बहुजन समाज पार्टी के विधायकों को दो बार कांग्रेस में लेकर आए।

राठौड़ ने यहां संवाददाताओं से कहा, “मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भाजपा द्वारा हॉर्स ट्रेडिंग की बात कर रहे हैं…दो बार उन्होंने एलिफेंट ट्रेडिंग ही नहीं की, वह पूरे हाथी को निगल गये और आज हमें शिक्षा दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए दो बार बहुजन समाज पार्टी के विधायकों को तोड़कर राजस्थान में पूरी बसपा को निगलने का काम किया है।’’

उल्लेखनीय है कि बसपा की टिकट से जीते सभी छह विधायक 2019 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इससे पूर्व 2009 में भी गहलोत के कार्यकाल के दौरान बसपा के सभी विधायक कांग्रेस में शामिल हो गये थे। पिछली बार विधायकों को 35 करोड रूपये की पेशकश किए जाने के गहलोत के आरोप पर राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री सरकारी एजेंसियों से जांच कराकर चीजों को स्पष्ट क्यों नहीं करते।

उन्होंने कहा, “झूठी बात करके लोगों को भरमाने से काम नहीं चलेगा।” उन्होंने कहा, “एलिफेंट ट्रेडिंग करने वाली सरकार राज्यसभा के चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप के बहाने फिर अपने विधायकों को पांच सितारा होटल में ले जाकर विद्रोह को दबाने की कोशिश करेगी।”

राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस में आंतरिक कलह है और विधायकों, मंत्रियों में असंतोष है तथा वो सरकार के खिलाफ बयान दे रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल में किये गये विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पेश करने में असफल रही है। राजस्थान में राज्यसभा की चार सीटों के लिये 10 जून को चुनाव होगा।

कांग्रेस ने तीन उम्मीदवार चुनाव में उतारे हैं और भाजपा ने एक उम्मीदवार को चुनाव में उतारा है जबकि भाजपा ने हरियाणा के राज्यसभा सांसद और मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा को समर्थन दिया है। सुभाष चंद्रा ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है।

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