सभी मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील करें घोषित: माकपा
अगरतला। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने चुनाव आयोग ने त्रिपुरा की चार विधानसभा सीटों के सभी मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित करने तथा सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की है। माकपा के त्रिपुरा इकाई के सचिव जितेंद्र चौधरी ने ने कहा है कि चुनाव आयोग (ईसीआई) उन चार निर्वाचन क्षेत्रों के सभी …
अगरतला। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने चुनाव आयोग ने त्रिपुरा की चार विधानसभा सीटों के सभी मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित करने तथा सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की है। माकपा के त्रिपुरा इकाई के सचिव जितेंद्र चौधरी ने ने कहा है कि चुनाव आयोग (ईसीआई) उन चार निर्वाचन क्षेत्रों के सभी बूथों को अति संवेदनशील घोषित करें, जिन पर 23 जून को मतदान होने वाला है और वोटिंग के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम करें।
चुनाव आयोग को लिखे पत्र में चौधरी ने आशंका जताई है कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ता त्रिपुरा में भाजपा-आईपीएफटी सरकार के तहत हुए पिछले चार चुनावों की तरह इस मतदान को भी “मजाक” बना देंगे। उन्होंने कहा, “ पिछले सभी चुनावों में सत्तारूढ़ दल ने मतदान की तारीख से काफी पहले आतंक की रणनीति का सहारा लिया था और उनकी जबरदस्त हिंसा ने बड़ी संख्या में मतदाताओं को मतदान केंद्र पर जाने से रोक दिया था तथा अनुपस्थित लोगों के वोट सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने जबरदस्ती डाले थे।
” चौधरी ने कहा, “हम मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की अपील के बावजूद एक सप्ताह से अधिक समय से सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं की हिंसक गतिविधियों को देखकर हैरान हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री एवं विधायक रतन भौमिक पर घातक हमला करने की कोशिश सहित कम से कम सात हमले किए हैं। इस संबंध में विशिष्ट मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
” उन्होंने कहा,“ भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद से पूरे राज्य में भाजपा के गुंडों द्वारा फिल्मी शैली में हमले किये गये हैं, जिसको देखकर यह विश्वास हो गया है कि उपद्रवी उपचुनावों में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान नहीं होने देंगे। जब तक पुलिस लोकतांत्रिक मतदान सुनिश्चित नहीं करती है, लोग उपद्रवियों के खिलाफ उसी तरह से प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगे और अगर चुनाव के दौरान कुछ भी बुरा होता है, तो राज्य प्रशासन उत्तरदायी होगा।
” चौधरी ने पत्र में कहा, ”मतदान की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों (सीपीएमएफ) को प्रत्येक बूथ क्षेत्र में क्षेत्र के वर्चस्व और मतदाताओं के विश्वास निर्माण के लिए तैनात किया जाना चाहिए। इसके अलावा सभी मतदान केंद्रों में और उसके बाहर सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जानी चाहिए। साथ ही सभी निर्वाचन क्षेत्रों में वोटों की वेबकास्टिंग सुनिश्चित की जानी चाहिए।’
यह भी पढ़ें- घर के पते को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का कटाक्ष
