बदायूं: ककराला चौकी इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट

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बदायूं/ककराला,अमृत विचार। जहां एक तरफ पुलिस के मित्रवत व्यवहार की सराहना की जाने लगी है वहीं मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। बाइक चोरी के शक में पुलिस ने युवक को उठाया। उसकी पिटाई लगाई। करंट लगाया। यहां तक की उसके गुप्तांग में डंडा डाला। पीड़ित की मां की तहरीर पर …

बदायूं/ककराला,अमृत विचार। जहां एक तरफ पुलिस के मित्रवत व्यवहार की सराहना की जाने लगी है वहीं मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। बाइक चोरी के शक में पुलिस ने युवक को उठाया। उसकी पिटाई लगाई। करंट लगाया। यहां तक की उसके गुप्तांग में डंडा डाला।

पीड़ित की मां की तहरीर पर थाना अलापुर में आरोपी तत्कालीन चौकी इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मी और दो अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की शिकायत एसएसपी से की गई थी। एसएसपी ने सीओ दातागंज से मामले की जांच कराई। जिसमें प्रथम दृष्टया शिकायत सही निकली। आरोपियों पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी।

थाना अलापुर की कस्बा ककराला के वार्ड नंबर 12 निवासी रेहान पुत्र यूनिस 2 मई को दोपहर 3 बजे गांव अलई नगला से मजदूरी के रुपये लेने गए थे। वापस आते समय नरवंशियों की मस्जिद के पास ककराला पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों ने बाइक चोरी के शक में उन्हें पकड़ लिया और अपने साथ ले गई। रेहान की मां नजमा पत्नी अपने दूसरे बेटे रईस अहमद के साथ ककराला चौकी गईं तो सिपाही चौकी इंचार्ज सत्यपाल, नरेंद्र, शेखर, सोनू, विपिन और दो अन्य लोग रेहान को पीट रहे थे। उसे करंट भी लगाया।

साथ ही उसके गुप्तांग में डांडा भी डाला। रेहान गंभीर रूप से घायल हो गया। नजमा ने अपने बेटे को छोड़ने को कहा तो पुलिसकर्मियों बदले में पांच हजार रुपये लिए। धमकी दी कि अगर किसी से कहा तो रेहान का और बुरा हाल कर देंगे। पुलिस की दरंदगी से सहमे रेहान सहमे रहे। वह डर की वजह से किसी को कुछ बता नहीं सके। कुछ दिन तो रेहान चुप रहे लेकिन पुलिस के आप्रकृतिक कृत्य की वजह से उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हालत में कुछ सुधार होने पर परिजन उन्हें घर ले गए लेकिन 28 मई को तबियत दोबारा खराब हुई तो परिजनों ने उन्हें फिर से जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां रेहान ने परिजनों को आपबीती बताई। परिजनों ने एसएसपी से शिकायत की। जहां हालत में सुधार न होने पर प्राइवेट अस्पताल और वहां से बुलंदशहर के अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां उनका उपचार चल रहा है।

हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने सीओ दातागंज से मामले की जांच कराई। जिसमें शिकायत सही मिली है। थाना अलापुर में तत्कालीन चौकी इंचार्ज सत्यपाल, सिपाही नरेंद्र, शेखर, सोनू, विपिन और दो अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

गोकशी के शक में हिरासत में लिया था रेहान
एक तरफ पीड़ित की मां की तहरीर के अनुसार पुलिस वालों ने उनके बेटे को बाइक चोरी के शक में हिरासत में लिया था। वहीं क्षेत्र के लोगों के अनुसार पुलिस ने गैंगस्टर अमजद का साथी होने का आरोप लगाते हुए हिरासत में लिया था। पीड़ित रेहान का बड़ा भाई रिजवान गोकशी में तीन वर्ष पहले जेल गया था।

कार्रवाई के डर से पुलिस वालों ने दिए थे रुपये
पीड़ित की पिटाई के बाद युवक की हालत ज्यादा खराब हो गई थी। आरोप है कि पुलिस ने एक तरफ रिश्वत ली और दूसरी तरफ उस युवक को दो हजार रुपये देकर वहां से भगा दिया था। आरोप है कि पीड़ित के भर्ती होने की सूचना पर पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई के डर से पीड़ित परिवार को एक सफेदपोश की मदद से 16 हजार रुपये दिलाए और कहा कि चुप रहें। इसके बाद भी शिकायत करने पर आरोपी पुलिसकर्मियों ने सफेदपोश की मदद से 20 हजार रुपये परिजनों को फिर भेजे और फैसले का दबाव बनाया।

इलाज के लिए परिवार कर रहा है चंदा
पीड़ित परिवार कब्र खोदकर भरण पोषण करता है। भेंट के तौर पर मिले रुपये से घर का चूल्हा जलता है। इलाज कराते उनके रुपये खर्च हो चुके हैं। जिसकी वजह से बुलंदशहर के अस्पताल से पीड़ित को डिस्चार्ज करने की नौबत आ गई है। जिसके चलते परिवार चंदा करके उपचार कराने को मजबूर हो गया है।

अवसाद में पीड़ित, चलने को लोगों का सहारा
परिजनों ने बताया कि थर्ड डिग्री देने की वजह से पीड़ित रेहान अवसाद में है। अप्राकृतिक कृत्य के चलते नसों में खिंचाव आ गया है। जिसकी वजह से चल भी नहीं पा रहे हैं। सहारा देने पर ही कुछ कदम चल पाते हैं।

पुलिस से विवाद का नतीजा तो नहीं है थर्ड डिग्री
गैंगस्टर के आरोपी को पकड़ने के बाद पुलिस और गैंगस्टर के परिवार के बीच विवाद हुआ था। गैंगस्टर अमजद के परिजनों ने पुलिस पर हमला कर दिया था। क्षेत्र में इस प्रकार की चर्चा है कि कहीं गैंगस्टर के परिजनों के हमला करने का बदला तो पुलिस नहीं ले रही है। अपनी खीज उतारने को पुलिस ने युवक को करंट लगाया और उसके गुप्तांग में डंडा डालने जैसा घिनौना काम किया।

ककराला की एक महिला एसएसपी के समक्ष प्रस्तुत हुई थी। जिसने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। सीओ दातागंज से मामले की जांच कराई गई थी। प्रथम दृष्टया आरोप सही मिलने पर तत्कालीन चौकी इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मी और दो अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। थाना स्तर पर विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है—- प्रवीण सिंह चौहान, एसपी सिटी।

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