नई शिक्षा नीति एक साथ दो डिग्री कोर्स करने की देती है सुविधा: कुलपति

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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह के मार्गदर्शन में शनिवार को स्नातक, परास्नातक और पीएचडी के विद्यार्थियों के साथ प्रशासनिक भवन स्थित कमेटी हाल में संवाद किया। कुलपति ने कहा कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) एकेडमिक क्वालिटी सिस्टम से चलेगा। आपके शैक्षणिक दस्तावेज ही आपकी उपलब्धियों को बताएंगे। ये नीति आपको …

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह के मार्गदर्शन में शनिवार को स्नातक, परास्नातक और पीएचडी के विद्यार्थियों के साथ प्रशासनिक भवन स्थित कमेटी हाल में संवाद किया। कुलपति ने कहा कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) एकेडमिक क्वालिटी सिस्टम से चलेगा। आपके शैक्षणिक दस्तावेज ही आपकी उपलब्धियों को बताएंगे।

ये नीति आपको दो डिग्री कोर्स करने की सुविधा एक ही समय में प्रदान करती है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एनईपी को ध्यान में रखकर 63 नए कोर्स प्रारंभ किए हैं। जो आपको रोजगार के साथ जीवन में विविधता प्रदान करते हैं। अगर, कोई बॉटनी का छात्र बॉयोइंफामेर्टिक्स पर कोर्स कर लेता है। तो उसे आगे चलकर और संभावनाएं और विकल्प मिलेंगे। आप को ये जानकर खुशी होगी कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे प्रदेश में स्नातक, परास्नातक और पीएचडी कोर्स में सीबीसीएस पैर्टन को लागूू किया है।

सबसे पहले परीक्षाएं भी सकुशल संपन्न कराई हैं। द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं भी 18 जून को समाप्त हो रही है। जुलाई में नए सत्र की कक्षाएं प्रारंभ हो जाएंगी। सीबीसीएस पैर्टन में रजिस्ट्रेशन कराना विद्यार्थियों के‌ लिए अनिवार्य है। इस दौरान अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो अजय सिंह, प्रो एसके सिंह, कुलसचिव विशेश्वर प्रसाद और वित्तअधिकारी और परीक्षा नियंत्रक आदि मौजूद रहे।

नए कोर्स का प्रस्ताव जल्द भेजने की व्यवस्था करें

एक अन्य बैठक में कुलपति ने संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर नए सत्र में विश्वविद्यालय के संचालन को लेकर रूपरेखा तैयार की गई। कुलपति ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत अगर, कोई नया कोर्स आप चलाना चाहते हैं तो उसका प्रस्ताव तैयार कर भिजवाएं। जिससे, इसे परीक्षा समिति में प्रस्तुत कर उसकी संचालन का मार्ग प्रशस्त किया जा सके। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी विभाग अपने अपने यहां पर्यावरण संरक्षण को समर्पित कार्यक्रमों का आयोजन करें।

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